सियान जतन दिवस पर लायंस क्लब प्राइड मनेंद्रगढ़ की अनूठी पहल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नई लेदरी में हुआ गरिमामय आयोजन
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़ | समाज के अनुभवी स्तंभों और बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए लायंस क्लब प्राइड मनेंद्रगढ़ ने एक बार फिर सेवा की मिसाल पेश की है। “सियान जतन दिवस” के पावन अवसर पर क्लब द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नई लेदरी में वृद्धजनों के सम्मान और उनकी सुगमता के लिए छड़ी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 102 साल की बुजुर्ग महिला सुखवारिया रहीं, जिन्हें क्लब की ओर से सहारा प्रदान किया गया।
सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम
बढ़ती उम्र के साथ आने वाली शारीरिक चुनौतियों को देखते हुए, क्लब ने 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा:
बुजुर्ग हमारे समाज की नींव और संस्कारों के जीवंत स्रोत हैं। उनकी सेवा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारा नैतिक दायित्व है। यह छड़ी केवल लकड़ी का सहारा नहीं, बल्कि समाज के प्रेम और सम्मान का प्रतीक है।
- पूनम सिंह, अध्यक्ष लायंस क्लब प्राइड
मुख्य अतिथि और गणमान्य जनों की गरिमामय उपस्थिति
इस सेवा कार्य में नई लेदरी नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उनके साथ ही लायंस क्लब प्राइड की महिला शक्ति ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख सदस्य:



- वरिष्ठ सदस्य: लायन इंदिरा सेंगर, संगीता शर्मा।
- नेतृत्व: अध्यक्ष लायन पूनम सिंह।
- सहयोगी सदस्य: सोमा आचार्य, रजनी अग्रवाल, ममता राना, डॉ. मंजुलिका करण, सुधा सोनी, पूजा श्रीवास्तव, प्रियंका अग्रवाल, सोनिया कालरा, रूपा पोद्दार, अल्पा अग्रवाल, अंशु अग्रवाल और अरुणा अग्रवाल।
बुजुर्गों के चेहरे पर झलकी मुस्कान
जब 102 वर्षीय सुखवारिया जी और अन्य बुजुर्गों के हाथों में सहारा देने वाली छड़ी सौंपी गई, तो उनकी आँखों में कृतज्ञता और चेहरे पर सुकून भरी मुस्कान तैर गई। वृद्धजनों ने लायंस क्लब प्राइड की इस संवेदनशीलता के लिए हृदय से आशीर्वाद और आभार व्यक्त किया।
समाज को संदेश
इस सफल आयोजन के माध्यम से लायंस क्लब प्राइड मनेंद्रगढ़ ने समाज में एक गहरा संदेश प्रसारित किया है कि विकास की दौड़ में हमें अपने बुजुर्गों की उंगली थामे रखना है। कार्यक्रम का समापन बुजुर्गों के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना के साथ हुआ।




