कवर्धा कांड की गूंज अब जनकपुर में, सांसद प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह और ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर प्रताप के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ फूटा गुस्सा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। जनकपुर। कवर्धा के धान खरीदी केंद्र में करोड़ों रुपये के धान की बर्बादी को ‘चूहों’ के सिर मढ़ने और उसके बाद समिति प्रबंधक को ‘चूहा मार दवा’ (जहर) दिए जाने के संदिग्ध मामले ने पूरे प्रदेश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इसी कड़ी में आज जनकपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इस पूरी घटना को भ्रष्टाचार छिपाने के लिए रचा गया एक खौफनाक षड्यंत्र करार दिया है।

‘चूहा कांड’ या सुनियोजित भ्रष्टाचार ?
जनकपुर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कवर्धा मामले का जिक्र करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
- साजिश का पर्दाफाश: कांग्रेस का आरोप है कि लगभग 7 करोड़ रुपये के धान के हेरफेर को ‘चूहों’ के नाम पर ठिकाने लगाया गया है और सच बोलने वाले प्रबंधक को जहर देकर चुप कराने की कोशिश की गई।
- संवैधानिक मर्यादा का सवाल: सांसद प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में हुए इस प्रदर्शन में कहा गया कि किसानों के पसीने की कमाई को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है।
जनकपुर में गरजे कांग्रेसी : जवाब दे सरकार
ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता धान खरीदी केंद्र जनकपुर पहुँचे और समिति प्रबंधक के माध्यम से सरकार तक अपना विरोध दर्ज कराया।
- कड़ा आक्रोश: अंकुर प्रताप सिंह ने कहा, “प्रबंधक को चूहा मार दवा देना यह साबित करता है कि घोटाले की जड़ें बहुत गहरी हैं। हम इस गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
- जांच की मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि धान की सुरक्षा में लापरवाही और प्रबंधक के साथ हुई वारदात की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की जाए।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे
इस आंदोलन में कांग्रेस पार्टी के समर्पित पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मुख्य रूप से अवधेश सिंह, संजीव गुप्ता, मनोज राय, रीनू, शिवम्, और वकील सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे, जिन्होंने “भ्रष्टाचार की सरकार नहीं चलेगी” के नारे बुलंद किए।







