चक्का जाम के बाद ‘मिशन मोड’ में निगम: 14 टैंकरों की तैनाती, 15 दिन का सख्त अल्टीमेटम और अमृत मिशन 2.0 से जल-क्रांति का शंखनाद
नई पहल न्यूज नेटवर्क। चिरमिरी। गोदरीपारा की प्यासी जनता का धैर्य जब चक्का जाम के रूप में सड़कों पर फूटा, तो शासन-प्रशासन के गलियारों में हड़कंप मच गया। जन-जागरण संघर्ष समिति के नेतृत्व में हुए पुरजोर विरोध के बाद अब प्रशासन ‘बैकफुट’ से निकलकर ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। नगर पालिक निगम चिरमिरी ने स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में पानी की एक-एक बूंद का हिसाब रखा जाएगा और कोई भी घर प्यासा नहीं रहेगा।
तत्काल समाधान: 14 टैंकरों का ‘वाटर-कवच’
भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच जनता को फौरी राहत देने के लिए निगम ने 14 टैंकरों का विशाल बेड़ा मैदान में उतार दिया है। निगम और SECL के साझा समन्वय से उन ऊंचाइयों वाले इलाकों में भी पानी पहुंचाया जा रहा है, जहां प्रेशर की समस्या थी। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जब तक पाइपलाइन का काम पूरा नहीं होता, टैंकरों का यह ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ जारी रहेगा।
पाइपलाइन विस्तार: 15 दिन की ‘डेडलाइन’
सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि समाधान की तारीख भी तय कर दी गई है। वार्ड क्रमांक 26 से 35 तक पाइपलाइन विस्तार का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है। 15वें वित्त आयोग की निधि से बड़ाबाजार पानी टंकी को नई पाइपलाइन से जोड़कर डोमनहिल और बरतुंगा जैसे इलाकों में सप्लाई लाइन को ‘बूस्ट’ किया गया है। निगम ने भरोसा दिलाया है कि अगले 15 दिनों में हर हाल में कनेक्शन का काम पूरा कर लिया जाएगा।
मास्टर प्लान: 16 टंकियां बदलेंगी चिरमिरी का भूगोल
दीर्घकालिक समाधान के लिए अमृत मिशन 2.0 के तहत चिरमिरी की तस्वीर बदलने की तैयारी है।



- चिन्हांकन पूर्ण: क्षेत्र में 16 नई पानी टंकियों के निर्माण हेतु जमीन चिह्नित कर ली गई है।
- नियमित सप्लाई: योजना के पूरा होते ही सप्ताह में दो दिन की जगह प्रतिदिन सुचारु आपूर्ति का लक्ष्य है।
- अमृत धारा: घर-घर नल कनेक्शन के जरिए टैंकर मुक्त गोदरीपारा का संकल्प लिया गया है।
प्रशासन का संकल्प: “व्यवस्था नहीं, समाधान चाहिए
निगम प्रशासन और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। जन-आक्रोश के बाद बनी सहमति के आधार पर अब प्रशासन की प्राथमिकता ‘पाइप, प्रेशर और पहुंच’ पर केंद्रित है।
“हम जनता की तकलीफ को समझते हैं। चक्का जाम के बाद हमने न केवल वैकल्पिक व्यवस्था की है, बल्कि 16 नई टंकियों के रूप में एक ऐसा स्थायी ढांचा तैयार कर रहे हैं कि भविष्य में गोदरीपारा को दोबारा प्यासा न रहना पड़े।” > — आधिकारिक वक्तव्य, नगर पालिक निगम चिरमिरी




