अधिवक्ता ने खाटू श्याम का कराया विशेष श्रृंगार मैथिली की जीत परिवारवाद के खिलाफ संघर्षरत युवाओं की विजय
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जब लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने अलीनगर सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तो इसकी गूँज केवल बिहार के राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रही। सुदूर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ शहर में, यह जीत कला, संस्कृति और ईमानदारी की विजय के रूप में मनाई गई। यह खुशी इतनी गहरी थी कि मनेंद्रगढ़ निवासी अधिवक्ता मनीष कुमार सोनी स्वयं को बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने से रोक नहीं पाए। गुरुवार की शुभ अमावस्या तिथि के अवसर पर, अधिवक्ता सोनी ने अपनी परम प्रशंसक मैथिली ठाकुर की सफलता के उपलक्ष्य में मनेंद्रगढ़ के श्याम मंदिर में खाटू श्याम बाबा का विशेष और भव्य श्रृंगार कराया। इस पुण्य कार्य हेतु उन्होंने मंदिर समिति को ₹2200 की सहयोग राशि भी प्रदान की।

प्रेरणा की नई परिभाषा : राजनीति में संघर्ष का मुकाम
अधिवक्ता मनीष कुमार सोनी ने इस अवसर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि मैथिली ठाकुर की जीत देश के उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा का पुंज है जो योग्यता और संघर्ष के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

मनीष सोनी ने कहा, “मैथिली ठाकुर ने यह सिद्ध कर दिया है कि राजनीति में सफलता के लिए अब किसी परिवार की बैसाखी की आवश्यकता नहीं है। इतनी कम उम्र में उन्होंने लोक संस्कृति और लोक गायकी की परंपरा को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, वह अद्भुत है। उनकी यह जीत एक संदेश देती है कि जनसेवा का मार्ग बिना किसी परिवारवाद के भी बनाया जा सकता है, जहाँ संघर्ष से अर्जित मुकाम ही लोगों का दुख-दर्द दूर करने का सामर्थ्य देता है।”
खाटू श्याम बाबा के दरबार में की गई यह विशेष प्रार्थना और उत्सव इस बात का प्रमाण है कि मैथिली ठाकुर ने अपनी कला और मूल्यों के दम पर पूरे देश के लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। यह जीत केवल बिहार की राजनीति का बदलाव नहीं, बल्कि देश के जनप्रतिनिधि होने की परिभाषा को भी बदलती नजर आ रही है।
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