“विचारधारा को हर गांव और हर वार्ड तक पहुँचाएं” पूर्व विधायक गुलाब कमरो का कार्यकर्ताओं को मंत्र, जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का संकल्प
जनकपुर (एमसीबी)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर चल रहे ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत जनकपुर में कांग्रेस ने अपनी सांगठनिक मशीनरी को धार देना शुरू कर दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जनकपुर और कोटाडोल की संयुक्त एवं महत्वपूर्ण बैठक में न केवल आगामी रणनीतियों पर विमर्श हुआ, बल्कि संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने के लिए मंडल प्रभारियों की नई नियुक्तियां भी की गईं। इस बैठक के माध्यम से कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिया है कि वह आगामी चुनौतियों के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की नई फौज तैयार कर रही है।

इन चेहरों को मिली मंडल की कमान
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निष्ठावान कार्यकर्ताओं को मंडल प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है:
जनकपुर ब्लॉक के अंतर्गत:
- माड़ीसरई मंडल: रंगे लाल बैगा
- जनकपुर मंडल: जयकरन सिंह
- बहरासी मंडल: सेमलाल बैगा
- कुंवारपुर मंडल: कौशल पनिका
कोटाडोल ब्लॉक के अंतर्गत:
- कोटाडोल मंडल: वरुणेंद्र सिंह
- मैनपुर मंडल: राम बहादुर बैगा
सदन से सड़क और वार्ड से पंचायत तक की रणनीति
बैठक में केवल नियुक्तियां ही नहीं हुई, बल्कि वार्ड और पंचायत स्तर पर प्रभारियों की तैनाती को लेकर भी विस्तृत खाका खींचा गया। जनकपुर ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह ने महिलाओं को संगठन से जोड़ने और बूथ स्तर पर मजबूती लाने पर जोर दिया, वहीं कोटाडोल ब्लॉक अध्यक्ष रामू सिंह ने निरंतर मेहनत और जन-जुड़ाव को पार्टी की सफलता की कुंजी बताया।
दिग्गजों ने भरी हुंकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा:
”संगठन की मजबूती ही कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। हमारा लक्ष्य केवल पद बांटना नहीं, बल्कि पार्टी की विचारधारा को हर गांव, हर वार्ड और हर व्यक्ति तक पहुँचाना है। एकजुट होकर ही हम जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़े हो सकते हैं।”
जिला उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने विश्वास जताया कि इस अभियान से पार्टी को नई ऊर्जा मिल रही है, जिसका सकारात्मक परिणाम भविष्य में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

प्रमुख उपस्थिति
इस सांगठनिक बैठक में जिला महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह, आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमोल सिंह मरावी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और क्षेत्र के सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में सभी ने एकजुट होकर कांग्रेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सामूहिक संकल्प लिया।
एमसीबी जिले के सुदूर क्षेत्रों (जनकपुर-कोटाडोल) में कांग्रेस का यह ‘माइक्रो-मैनेजमेंट’ इशारा करता है कि पार्टी अब केवल बड़े चेहरों के भरोसे नहीं, बल्कि ‘मंडल’ और ‘बूथ’ की मजबूती के फार्मूले पर काम कर रही है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बैगा समाज के प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी देना एक सोची-समझी सामाजिक और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
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