नई पहल न्यूज नेटवर्क। खोँगापानी। नगर पंचायत खोँगापानी की राजनीति इन दिनों बयानबाजी और आरोपों के दौर से गुजर रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं द्वारा लगातार लगाए जा रहे आरोपों और दुष्प्रचार के जवाब में नगर पंचायत अध्यक्ष ललिता रामा यादव ने एक बड़ा और निष्पक्ष कदम उठाया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रधान महालेखाकार को आधिकारिक पत्र भेजकर भाजपा के पूर्व कार्यकाल और अपने वर्तमान कार्यकाल—दोनों की विशेष वित्तीय ऑडिट कराने की मांग कर दी है।
अध्यक्ष ललिता यादव का कहना है कि राजनीतिक मंचों से एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने और जनता के बीच भ्रम फैलाने से बेहतर है कि शासकीय राशि के पाई-पाई के उपयोग की जांच निष्पक्ष ऑडिट संस्था से कराई जाए।
अध्यक्ष के 3 प्रमुख प्रहार और स्पष्ट रुख
- हड़ताल के पीछे राजनीतिक स्वार्थ: भाजपा नेताओं के आंदोलन और प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने के बजाय भाजपा नेताओं को यह हिसाब देना चाहिए कि उनके कार्यकाल में शासकीय संसाधनों और जनता के पैसे का इस्तेमाल किस तरह हुआ।
- फालतू खर्चों पर कसी नकेल: अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए अध्यक्ष ने बताया कि अनावश्यक पेट्रोल-डीजल के खर्च, नेताओं के भव्य स्वागत-सत्कार और बैनर-पोस्टर पर होने वाली फिजूलखर्ची पर सख्त रोक लगाई गई है।
- विकास पर जनता का अधिकार: नगर पंचायत की तिजोरी किसी दल या व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए है।
यदि किसी भी कार्यकाल में शासकीय राशि के उपयोग पर कोई सवाल है, तो उसका समाधान बयानों से नहीं बल्कि दस्तावेजों की जांच से होगा। हमने निष्पक्ष जांच की पहल की है ताकि सच सामने आए और जिम्मेदारी तय हो सके।
— ललिता रामा यादव, अध्यक्ष, नगर पंचायत खोँगापानी
क्या है इस पहल का मूल उद्देश्य ?



अध्यक्ष ललिता यादव ने स्पष्ट किया कि विशेष ऑडिट की मांग के पीछे का मुख्य उद्देश्य नगर पंचायत के वित्तीय लेन-देन, खरीदी और भुगतानों की वास्तविकता जनता के सामने लाना है। इस निष्पक्ष जांच से जहाँ पूर्व कार्यकाल और वर्तमान कार्यप्रणाली का सच उजागर होगा, वहीं जनता के सामने भी वास्तविक स्थिति पूरी पारदर्शिता के साथ आ सकेगी।
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