नई पहल न्यूज नेटवर्क। बैकुंठपुर/सोनहत। सोनहत जनपद पंचायत की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गहराया विवाद अब सड़कों पर उतरने जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अति-महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी मुद्दे पर प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है। प्रशासन के उदासीन रवैये से नाराज भाजपा कार्यकर्ता मनोज साहू ने मोर्चा खोलते हुए 10 सितंबर 2026 से सोनहत विकासखंड मुख्यालय में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करने का ऐलान कर दिया है।

गरीबों और कार्यकर्ताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं

मनोज साहू ने आरोप लगाया कि गरीबों के आशियाने से जुड़ी योजना पर जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी ने हितग्राहियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उनका कहना है कि इस संवेदनहीन बयानबाजी की शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी, लेकिन दिनों बीत जाने के बाद भी दोषी अधिकारी पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा के चलते अब आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ रहा है।
कमीशनखोरी और पक्षपात के गंभीर आरोप

प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए मनोज साहू ने कहा कि सोनहत जनपद में अनिमितताओं का अंबार लगा हुआ है।
- पक्षपातपूर्ण व्यवहार: जनप्रतिनिधियों के साथ आए दिन कथित दुर्व्यवहार और भेदभाव की शिकायतें आ रही हैं।
- विकास कार्यों में कटमनी: निर्माण और विकास योजनाओं की स्वीकृति व भुगतान के नाम पर खुलेआम कमीशन मांगने का खेल चल रहा है।
- निगरानी का अभाव: बार-बार लिखित शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।
“सरकार से नहीं, भ्रष्ट कार्यशैली से लड़ाई”
सत्याग्रह के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए मनोज साहू ने कहा कि यह आंदोलन राज्य या केंद्र सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि धरातल पर योजनाएं ठप करने वाले बेलगाम अफसरों के विरुद्ध है।
”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प ‘जीरो टॉलरेंस’ और सुशासन का है। लेकिन सोनहत में कुछ अफसरों की मनमानी सरकार की इस मंशा पर पानी फेर रही है। हमारा मकसद व्यवस्था में सुधार लाना और पारदर्शी प्रशासन कायम करना है।”
प्रमुख मांगें: प्रभारी को हटाओ, स्थायी CEO लाओ
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी निम्नलिखित प्राथमिक मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा:
- पीएम आवास पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले प्रभारी CEO को तुरंत पद से हटाया जाए।
- जनपद पंचायत सोनहत में अविलंब किसी जिम्मेदार स्थायी मुख्य कार्यपालन अधिकारी की पदस्थापना की जाए।
- कमीशनखोरी, निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण व्यवहार की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
10 सितंबर को विशाल रैली और जनसभा की तैयारी
तय कार्यक्रम के अनुसार 10 सितंबर को सत्याग्रह के पहले दिन सोनहत में एक विशाल शांतिपूर्ण रैली और जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के पीड़ित हितग्राही और ग्रामीण एकजुट होकर प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद करेंगे। मनोज साहू ने उम्मीद जताई है कि आंदोलन की नौबत आने से पहले जिला प्रशासन संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करेगा।
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