

242 यात्रियों में से 100 से अधिक की मौत की आशंका
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। अहमदाबाद। गुजरात की राजनीति को आज एक बड़ा झटका लगा जब दोपहर को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते समय एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय रूपाणी का निधन हो गया। हादसे की पुष्टि राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने सोशल मीडिया मंच X पर की है।
242 यात्री थे सवार, 100 से अधिक शव बरामद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक भी शामिल थे। हादसा विमान के टेकऑफ के तुरंत बाद हुआ। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन अब तक 100 से अधिक शव बरामद हो चुके हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
लंदन जा रहे थे विजय रूपाणी
पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी लंदन जा रहे थे, जहां उनकी पत्नी पिछले छह महीनों से रह रही थीं। उनके करीबी सहयोगी नितिन भारद्वाज ने बताया कि श्री रूपाणी उन्हें वापस लाने के उद्देश्य से इस यात्रा पर निकले थे। यात्री सूची में उनका नाम 12वें नंबर पर और सीट संख्या 2D पर दर्ज था।
एक समर्पित जीवन का अंत: विजय रूपाणी
व्यापारी परिवार से मुख्यमंत्री पद तक
2 अगस्त 1956 को रंगून (अब यंगून), म्यांमार में जन्मे विजय रूपाणी एक गुजराती व्यापारी परिवार से थे। उनके पिता रमणिकलाल रूपाणी म्यांमार में व्यवसाय करते थे। लेकिन 1960 में म्यांमार की राजनीतिक स्थिति बिगड़ने पर उनका परिवार भारत लौट आया और राजकोट को स्थायी निवास बना लिया।
छात्र राजनीति से सीएम तक का सफर
राजकोट में ही रूपाणी ने अपनी शिक्षा पूरी की और समाजसेवा के प्रति रुझान के चलते वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े। यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। उन्होंने भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाईं और पार्टी के भीतर सादगी, अनुशासन और कर्मठता के लिए पहचाने गए।2016 में उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुशासन को प्राथमिकता दी। वे दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने और पार्टी की नीति एवं विचारधारा के सच्चे सिपाही के रूप में काम करते रहे।
देशभर में शोक की लहर
विजय रूपाणी के आकस्मिक निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री से लेकर तमाम केंद्रीय मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और विपक्षी दलों के नेता शोक संदेश साझा कर रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं में भी गहरा दुख है, क्योंकि उन्होंने एक मूल्यनिष्ठ, विनम्र और समर्पित नेता को खो दिया है।
अंतिम संस्कार की तैयारी
शव की शिनाख्त के बाद विजय रूपाणी का पार्थिव शरीर विशेष विमान से राजकोट लाया जाएगा, जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन ने राजकोट में दो दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया है।


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