घर वापसी से लेकर 151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा तक सनातन संस्कृति के मुद्दों पर मुखर; बेटियों के लिए निःशुल्क बस, जरूरतमंदों के लिए एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं ने जनसेवा की छवि को दी मजबूती
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कवर्धा/पंडरिया। राजनीति में चुनाव जीतना किसी जनप्रतिनिधि के सफर की शुरुआत हो सकती है, लेकिन जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाना लगातार सक्रियता, जनसरोकार और अपने विचारों के प्रति प्रतिबद्धता की मांग करता है। छत्तीसगढ़ की पंडरिया विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भावना बोहरा ने अपने राजनीतिक सफर में विकास और जनसेवा के साथ-साथ सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर भी मुखर उपस्थिति दर्ज कराई है।
24 अगस्त को अपने जन्मदिन के अवसर पर भावना बोहरा के अब तक के सफर पर नजर डालें तो उनकी पहचान केवल एक विधायक की नहीं, बल्कि जनसेवा, महिला शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों और सामाजिक सक्रियता से जुड़े जनप्रतिनिधि के रूप में भी उभरती दिखाई देती है।

सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के मुद्दों पर मुखर पहचान
भावना बोहरा के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन का एक प्रमुख पक्ष सनातन संस्कृति और उससे जुड़े आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी भी रही है।
आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में कथित धर्मांतरण के बाद अपने पूर्व धर्म में लौटने वाले लोगों की ‘घर वापसी’ के आयोजनों में भी उनकी सक्रिय भूमिका चर्चा में रही है।
फरवरी 2026 में कवर्धा जिले के दमगढ़ गांव में आयोजित आदिवासी गौरव सम्मेलन में 66 आदिवासी समुदाय के लोगों की ‘घर वापसी’ के कार्यक्रम में भावना बोहरा शामिल हुईं और पारंपरिक रूप से उनके चरण धोकर उनका स्वागत किया।
इससे पहले भी पंडरिया विधानसभा के वनांचल क्षेत्रों में ऐसे आयोजन सामने आए हैं, जहां उन्होंने इसे जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और मूल पहचान से जोड़कर प्रस्तुत किया।
धर्मांतरण और घर वापसी जैसे संवेदनशील विषयों पर उनका रुख स्पष्ट और मुखर रहा है, जिससे प्रदेश की राजनीति में उनकी हिंदुत्व और सनातन संस्कृति से जुड़ी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है।
नंगे पांव 151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा, आस्था के साथ दिया सनातन संस्कृति का संदेश
भावना बोहरा की धार्मिक-सांस्कृतिक सक्रियता का सबसे चर्चित उदाहरण उनकी अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा है।
वर्ष 2026 में सावन के दौरान उन्होंने एक बार फिर मां नर्मदा की नगरी अमरकंटक से नर्मदा जल लेकर भोरमदेव महादेव तक कठिन कांवड़ यात्रा शुरू की। यात्रा के तीसरे दिन लगभग 500 कांवड़ियों के साथ उन्होंने पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश किया।
जंगल, पहाड़ी रास्ते और कठिन परिस्थितियों के बीच निकली इस यात्रा में ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस यात्रा को भावना बोहरा ने केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था से जोड़ने का माध्यम भी बताया है।
वर्ष 2025 में भी उन्होंने अमरकंटक से भोरमदेव तक करीब 151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी कर भगवान भोरमदेव का जलाभिषेक किया था।
कबीरधाम जिले से अमरकंटक जाने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए उनके द्वारा वर्षों से निःशुल्क भोजन, ठहरने और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था किए जाने की भी रिपोर्ट रही है।
बेटियों की पढ़ाई न रुके इसलिए शुरू की निःशुल्क बस सेवा

जनसेवा के क्षेत्र में भावना बोहरा की सबसे चर्चित पहलों में से एक है महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए निःशुल्क बस सेवा।
ग्रामीण क्षेत्रों की कई छात्राओं के सामने कॉलेज तक पहुंचने के लिए परिवहन बड़ी समस्या थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शुरुआत में 3 निःशुल्क बसों का संचालन किया गया।
जुलाई 2025 में पांच नई बसें जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 8 निःशुल्क बसों तक पहुंच गई। पंडरिया, पांडातराई, पिपरिया, सहसपुर लोहारा और कवर्धा क्षेत्र के कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को इसका लाभ देने की व्यवस्था की गई।
इस पहल का लक्ष्य एक हजार से अधिक छात्राओं को सुरक्षित और निःशुल्क आवागमन उपलब्ध कराना बताया गया।
मई 2026 में कुई-कुकदूर और कुंडा महाविद्यालय की छात्राओं के लिए दो और निःशुल्क बस सेवाएं शुरू करने की घोषणा भी की गई, जिससे इस सेवा को और विस्तार देने की योजना सामने आई।
यह पहल भावना बोहरा की उस छवि को मजबूत करती है जिसमें बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी गई है।
8 निःशुल्क एम्बुलेंस—जरूरत के समय मरीजों तक मदद पहुंचाने का प्रयास
पंडरिया जैसे बड़े और वनांचल क्षेत्रों वाले विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं तक समय पर पहुंच एक बड़ी चुनौती रही है।
इसी जरूरत को देखते हुए भावना बोहरा द्वारा निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का संचालन किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस सेवा का विस्तार 8 एम्बुलेंस तक किया गया है, जिन्हें जरूरतमंद मरीजों और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है।
इसके साथ ही निःशुल्क मोबाइल हेल्थ पैथ लैब जैसी सुविधा के माध्यम से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के लोगों तक स्वास्थ्य जांच पहुंचाने की पहल भी उनके जनसेवा कार्यक्रमों का हिस्सा रही है।
एक तरफ कांवड़ और सनातन, दूसरी तरफ शिक्षा और स्वास्थ्य
भावना बोहरा की राजनीतिक शैली में दो धाराएं समानांतर दिखाई देती हैं।
एक ओर वे सनातन संस्कृति, कांवड़ यात्रा, धार्मिक परंपराओं और घर वापसी जैसे मुद्दों पर मुखर दिखाई देती हैं, तो दूसरी ओर एम्बुलेंस, मोबाइल हेल्थ लैब, बेटियों के लिए बस सेवा, युवाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग और जनसेवा केंद्र जैसी योजनाओं के जरिए सामाजिक सरोकारों को सामने रखती हैं।
यही मेल उन्हें पंडरिया की राजनीति में अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग पहचान देता दिखाई देता है।
2023 में पहली बार विधानसभा चुनाव और बड़ी जीत
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भावना बोहरा को पंडरिया सीट से मैदान में उतारा।
उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी नीलू चंद्रवंशी को 26,398 मतों के अंतर से पराजित किया। भावना बोहरा को 1,20,847 मत, जबकि नीलू चंद्रवंशी को 94,449 मत प्राप्त हुए।
पहले ही विधानसभा चुनाव में मिली इस बड़ी जीत ने उन्हें प्रदेश की राजनीति में चर्चा में ला दिया।
सदन में भी सक्रिय उपस्थिति
विधायक बनने के बाद क्षेत्र में सक्रियता के साथ भावना बोहरा ने विधानसभा में भी विभिन्न मुद्दों को उठाया।
उनकी विधायी सक्रियता को उस समय विशेष पहचान मिली जब उन्हें सत्ता पक्ष की ओर से वर्ष 2024 के लिए ‘उत्कृष्ट विधायक’ चुना गया।
यह सम्मान उनके राजनीतिक जीवन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ा।
जनसेवा से राजनीतिक पहचान तक
समाजसेवा के क्षेत्र से शुरू हुआ भावना बोहरा का सफर जिला पंचायत से होते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पहुंचा है।
आज उनके नाम के साथ जहां पंडरिया के विकास कार्य और विधानसभा की राजनीति जुड़ी है, वहीं निःशुल्क बस, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएं जनसेवा की पहचान हैं तो कांवड़ यात्रा, सनातन संस्कृति और घर वापसी जैसे मुद्दे उनकी वैचारिक और सांस्कृतिक राजनीति की पहचान बन चुके हैं।
जन्मदिन पर समर्थकों की नजर उनके अगले राजनीतिक अध्याय पर
भावना बोहरा का जन्मदिन केवल शुभकामनाओं और आयोजनों तक सीमित अवसर नहीं है, बल्कि उनके समर्थकों के लिए उनके अब तक के राजनीतिक और सामाजिक सफर को देखने का भी मौका है।
पहली बार विधायक बनकर बड़ी चुनावी जीत दर्ज करना, विधानसभा में सक्रियता, उत्कृष्ट विधायक का चयन, बेटियों के लिए शिक्षा की राह आसान करने का प्रयास, जरूरतमंदों के लिए एम्बुलेंस सेवा और दूसरी ओर सनातन संस्कृति के प्रति मुखरता—इन सभी ने मिलकर पंडरिया में उनकी एक विशिष्ट राजनीतिक पहचान बनाई है।
सेवा का संकल्प, सनातन में आस्था और पंडरिया के विकास का लक्ष्य—इन्हीं तीन धाराओं के साथ आगे बढ़ती दिखाई देती है भावना बोहरा की राजनीतिक यात्रा।
जन्मदिन के इस विशेष अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा को हार्दिक शुभकामनाएं।
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