कोरिया में सियासी हलचल: मंच पर जुटे थे दिग्गज, तभी युवा मोर्चा के जिला महामंत्री ने खोली अपनी ही विधायक की पोल; CM बोले- ‘हमने उन्हें बोल दिया है
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सोनहत (कोरिया)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में सोनहत के कुशहा गांव में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ उस समय बेहद दिलचस्प और सियासी रूप से गर्म हो गया, जब भाजपा के ही एक कद्दावर युवा नेता ने अपनी ही पार्टी की फायरब्रांड विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंच पर प्रदेश के मुखिया बैठे थे और सामने जनता, तभी भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) कोरिया के जिला महामंत्री मनोज साहू ने क्षेत्र की कड़वी हकीकत बयां करते हुए सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपना दर्द उड़ेल दिया।
मनोज साहू ने बेबाकी से मुख्यमंत्री से कहा कि भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह का सोनहत इलाके में लगातार आना-जाना नहीं रहता है, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता में मायूसी है। अपनी ही सरकार के कार्यक्रम में अपनी ही विधायक की इस ‘लापता’ कार्यशैली की गूंज ने वहां मौजूद हर शख्स को चौंका दिया।

‘विधायक जी क्षेत्र से रहती हैं दूर’— साहू की बेबाकी पर टिकीं सबकी नजरें
सुशासन तिहार के इस भव्य मंच से मुख्यमंत्री साय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन का संदेश देने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू ने सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को संबोधित करते हुए क्षेत्र की एक बड़ी समस्या को सामने रख दिया।
मुख्यमंत्री जी, हमारी विधायक रेणुका सिंह का सोनहत क्षेत्र में लगातार आना-जाना नहीं रहता है। उनके नियमित दौरे न होने से क्षेत्र के विकास कार्यों और कार्यकर्ताओं की समस्याओं की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
— मनोज साहू, जिला महामंत्री, भाजयुमो (कोरिया)
अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ मुख्यमंत्री के सामने ऐसी मुखर आवाज अमूमन देखने को नहीं मिलती। मनोज साहू के इस बयान ने यह साफ कर दिया कि क्षेत्र में विधायक की कार्यशैली को लेकर भीतर ही भीतर भारी असंतोष पनप रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का तपाक से जवाब— ‘हमने उनको बोल दिया है’
इस अप्रत्याशित शिकायत से माहौल में थोड़ी देर के लिए सन्नाटा पसर गया, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति को बेहद संजीदगी और सहजता से संभाला। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय भरे मंच से सीधे और दो टूक शब्दों में जवाब दिया।
मुख्यमंत्री साय ने मनोज साहू और वहां मौजूद जनता को आश्वस्त करते हुए कहा:
“इसके लिए हमने उनको बोल दिया है।”
CM साय का यह छोटा सा लेकिन बेहद दमदार जवाब इस बात का साफ संकेत है कि संगठन और सरकार के स्तर पर भी इस बात को गंभीरता से लिया गया है, और विधायक रेणुका सिंह को क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ाने की हिदायत पहले ही दी जा चुकी है।
क्यों मायने रखता है यह सियासी घटनाक्रम ?
- अपनों का ही विरोध: रेणुका सिंह छत्तीसगढ़ भाजपा का एक बड़ा और जाना-माना चेहरा हैं (पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रही हैं)। ऐसे में उनके खिलाफ उनके ही गृह जिले के युवा मोर्चा पदाधिकारी का मुख्यमंत्री के सामने शिकायत करना उनके सियासी रसूख को चुनौती देने जैसा है।
- CM का कड़ा रुख: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कहना कि ‘हमने उन्हें बोल दिया है’, यह दर्शाता है कि साय सरकार में ‘सुशासन’ सिर्फ जनता के लिए नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने के लिए भी है।
- सोनहत की उपेक्षा का आरोप: इस बयान के बाद अब सोनहत क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष को भी बैठे-बिठाए सरकार और विधायक को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री की इस हिदायत और भरे मंच पर हुए इस सियासी धमाके के बाद विधायक रेणुका सिंह का सोनहत क्षेत्र में दौरा बढ़ता है या यह अंदरूनी खींचतान छत्तीसगढ़ भाजपा में किसी नई अंतर्कलह को जन्म देती है।
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