नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरिया। कोरिया की सियासत में इस वक्त जबरदस्त उबाल आ गया है। ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के मंच से शुरू हुआ एक अंदरूनी विवाद अब खुलकर सड़क और बयानों में आ चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ बोलना एक भाजपा पदाधिकारी को भारी पड़ गया है। इसे लेकर जहाँ संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है, वहीं कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर सरकार के ‘सुशासन’ पर तीखे सवाल दाग दिए हैं।
मंच पर सच बोलना पड़ा भारी, 7 दिन का अल्टीमेटम
मामला 21 मई का है, जब ग्राम कुशहा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मौजूद थे। इसी दौरान भाजयुमो के जिला महामंत्री मनोज साहू ने सार्वजनिक मंच से अपनी ही पार्टी के स्थानीय विधायक को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा— “माननीय विधायक का सोनहत क्षेत्र में भ्रमण नहीं होता है।”

अपनी ही सरकार के कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री के सामने विधायक की इस शिकायत से हड़कंप मच गया। नतीजा यह हुआ कि भाजपा कोरिया के जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज साहू को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दिया है। साहू से 7 दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। संगठन ने साफ किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
“यह पार्टी का अंदरूनी मामला है, सुशासन तिहार का विषय नहीं है।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (प्रेसवार्ता के दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया)
पूर्व विधायक गुलाब कमरो का तीखा हमला: “सिर्फ प्रचार का तिहार”
इस पूरे विवाद पर भरतपुर-सोनहत के पूर्व कांग्रेस विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे भाजपा का असली चेहरा बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
- सच बोलने का इनाम नोटिस: गुलाब कमरो ने पूछा, “क्या भाजपा सरकार में सच बोलने का इनाम नोटिस है? जब सरकार अपने ही पदाधिकारियों की आवाज दबा रही है, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी?”
- खोखला सुशासन: कमरो ने कहा कि एक तरफ सरकार सुशासन का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत बताने वाले अपने ही कार्यकर्ता का मुंह बंद किया जा रहा है।
- जिले को नहीं मिली कोई सौगात: पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो बार एमसीबी जिले का दौरा कर चुके हैं, लेकिन भारी-भरकम लाव-लश्कर और करोड़ों रुपये फूंकने के बाद भी जिले की जनता को कोई बड़ी सौगात या विकास कार्य नहीं मिला।
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