एक ही विमान में सवार थे सूबे के कई वीआईपी, पीए की फोटो वायरल होने के बाद सामने आई रेणुका सिंह के दिल्ली प्रवास की खबर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त कशमकश का दौर चल रहा है। सूबे की विष्णुदेव साय सरकार में आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार की अटकलें बेहद तेज हैं। इसी बीच, भाजपा की फायरब्रांड नेता, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भरतपुर-सोनहत से विधायक रेणुका सिंह के अचानक हुए दिल्ली दौरे ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नीति आयोग की बैठक के सिलसिले में देश की राजधानी में थे, वहीं दूसरी तरफ रेणुका सिंह का ठीक उसी वक्त दिल्ली में मौजूद रहना कई बड़े राजनीतिक संकेत दे रहा है। रेणुका सिंह दिल्ली का यह अहम दौरा पूरा कर आज ही रायपुर लौट आई हैं, जिसके बाद से ही उनके अगले सियासी कदम को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है।

खराब मौसम ने खोला गुप्त दौरे का राज: एक ही विमान में थे कई दिग्गज
रेणुका सिंह के इस दिल्ली दौरे को काफी गोपनीय रखने की कोशिश की गई थी, लेकिन कुदरत के मिजाज और एक ‘संयोग’ ने इस पर से पर्दा उठा दिया।
दरअसल, गुरुवार को दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट (6E 5138) खराब मौसम के कारण रायपुर में लैंड नहीं कर सकी और उसे नागपुर डाइवर्ट करना पड़ा। इसी विमान में रेणुका सिंह भी सवार थीं। दिलचस्प बात यह रही कि इसी तय फ्लाइट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास भी यात्रा कर रहे थे।
राजनीतिक हलकों में स्पष्ट है कि धुर विरोधी नेताओं का एक ही विमान में होना महज एक प्रशासनिक संयोग था, उनके बीच वहां कोई राजनीतिक मीटिंग या चर्चा नहीं हुई। लेकिन इस सफर के दौरान रेणुका सिंह के पीए मनोज शुक्ला की एक तस्वीर सामने आई, जो विमान में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और दीपक बैज के पीछे खड़े नजर आ रहे थे। इसी तस्वीर के सार्वजनिक होने से रेणुका सिंह के दिल्ली से लौटने की पुष्टि हो गई।
‘सीएम दीदी’ के नारों से लेकर ‘मंत्रिमंडल से दूरी’ तक की पूरी कहानी
आखिर रेणुका सिंह का यह दिल्ली दौरा इस वक्त इतना अहम क्यों माना जा रहा है? इसे समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा। विधानसभा चुनाव के दौरान भरतपुर-सोनहत सीट पर कांग्रेस के दिग्गज गुलाब कमरो को शिकस्त देने वाली रेणुका सिंह का कद बेहद कद्दावर रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान पूरे क्षेत्र में “सीएम दीदी” के नारे गूंज रहे थे और वे मुख्यमंत्री पद के संभावित नामों में सबसे आगे चल रही थीं।
हालांकि, आलाकमान के फैसले के बाद न सिर्फ वे मुख्यमंत्री की रेस से बाहर हुईं, बल्कि साय सरकार के मंत्रिमंडल में भी उन्हें जगह नहीं मिल सकी। राजनीति के जानकारों का मानना है कि अपनी इस अनदेखी से रेणुका सिंह पिछले कुछ समय से मौजूदा सरकार के कामकाज से खुलकर नाराजगी जताती रही हैं।
‘रावण’ वाले बयान से लेकर ‘कथित ऑडियो’ तक के आक्रामक तेवर
अपनी बेबाकी के लिए जानी जाने वाली रेणुका सिंह के तेवर पिछले कुछ महीनों में अपनी ही सरकार के खिलाफ काफी आक्रामक दिखे हैं। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए यहां तक कह दिया था कि “सरकार में भी रावण हैं”।
इसके अलावा, हाल ही में उनका एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसने भाजपा खेमे में हड़कंप मचा दिया था। इस कथित ऑडियो में वे यह कहती सुनाई दे रही थीं कि “अगले सीएम भूपेश बघेल ही बनेंगे और इनको जेल भेजेंगे।” हालांकि इस ऑडियो की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इसने रेणुका सिंह और संगठन के बीच की तल्खी को सरेआम जरूर कर दिया था।
क्या दिल्ली दरबार ने नाराजगी दूर करने के लिए दिया था बुलावा ?
अब जब साय सरकार में खाली पड़े मंत्रियों के पदों को भरने और बड़े फेरबदल की स्क्रिप्ट अंतिम दौर में है, ऐसे नाजुक वक्त में रेणुका सिंह का दिल्ली जाना और केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में होना बेहद अहम है।
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि क्या दिल्ली दरबार ने रेणुका सिंह की इस पुरानी नाराजगी को दूर करने और मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपने के लिए दिल्ली बुलाया था? या फिर रेणुका सिंह खुद अपनी बात आलाकमान के सामने पुरजोर तरीके से रखने दिल्ली पहुंची थीं? दिल्ली से रायपुर लौटीं ‘दीदी’ के इस दौरे का असली नतीजा क्या निकला, यह आने वाले कुछ दिनों में साफ होगा।
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