मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ग्राउंड जीरो का निरीक्षण, कहा — दूरस्थ वनांचलों तक सुशासन और विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
परंपरागत पुलों से 5 गुना कम लागत और मात्र 1 महीने में तैयार; बीजापुर में 21 बेली ब्रिजों ने बदली अंदरूनी इलाकों की तकदीर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/बीजापुर। बस्तर के जिन दुर्गम अंचलों में कभी भौगोलिक परिस्थितियां और संवेदनशीलता विकास की राह में सबसे बड़ी दीवार थीं, वहां आज आधुनिक तकनीक और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के दम पर सुशासन का नया सूरज उग रहा है। प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार’ के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर नवनिर्मित अत्याधुनिक ‘बेली ब्रिज’ का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर की एक सशक्त और ऐतिहासिक तस्वीर करार देते हुए कहा कि यह पुल केवल कंक्रीट और स्टील का ढांचा नहीं, बल्कि बस्तर के आदिवासियों के भरोसे और विकास का नया सेतु है।
कम समय, न्यूनतम लागत और बेजोड़ मजबूती का कमाल
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस आधुनिक बेली ब्रिज की विशिष्टताओं से रू-ब-रू कराया।
- BRO का बेजोड़ हुनर: भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह पुल बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का एक गेम-चेंजर हिस्सा है।
- लागत में भारी बचत: अधिकारियों ने बताया कि यह बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में लगभग 5 गुना कम लागत में बनकर तैयार हो जाता है।
- रिकॉर्ड तोड़ निर्माण: दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद इस पुल को मात्र एक महीने के भीतर खड़ा कर दिया गया, जो अपने आप में एक मिसाल है।
बीजापुर में 21 बेली ब्रिजों का जाल, थमेगा पलायन, बढ़ेगा विकास
कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसने वाले बीजापुर जिले में अब तक ऐसे 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है।
सड़क, पुल और बुनियादी ढांचा केवल सिविल वर्क नहीं हैं। ये वो मजबूत धमनियां हैं जो हमारे सुदूर गांवों को शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और देश की मुख्यधारा से जोड़ती हैं। हमारी सरकार का एक ही संकल्प है— विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
इन पुलों के बन जाने से अब बरसात के दिनों में भी अंदरूनी गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से नहीं टूटेगा। एम्बुलेंस, स्कूली गाड़ियां और राशन की गाड़ियां अब सीधे ग्रामीणों के दरवाजे तक पहुंच रही हैं।
श्रमवीरों की थपथपाई पीठ, साझा किए अनुभव
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए। उन्होंने भीषण परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच दिन-रात काम करने वाले श्रमिकों और इंजीनियरों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही इस विकास यात्रा के असली शिल्पकार हैं। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के साथ बैठकर उनके जमीनी अनुभव भी सुने और उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और सीएम सचिवालय के विशेष सचिव व जनसंपर्क आयुक्त राजत बंसल भी मौजूद थे।
दशकों का क्रेडिबिलिटी गैप खत्म: अब बस्तर में ‘विश्वास’ का दौर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोटूक शब्दों में कहा कि कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का त्रिवेणी संगम है। यह उस ‘नवे बस्तर’ (नए बस्तर) की पहचान है, जहां सरकार की कल्याणकारी योजनाएं अब बंदूकों के साये को चीरकर सीधे आदिवासियों के हक में तब्दील हो रही हैं। बस्तर अब अशांति से नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी और खुशहाली से पहचाना जाएगा।
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