बिना लाइसेंस खपाने की थी तैयारी,।कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम सैंदा में दबोचा अवैध जखीरा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़|जिले में किसानों के हक पर डाका डालने वाले कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर के सख्त तेवर के बाद हरकत में आए कृषि विभाग ने खड़गवां विकासखंड के ग्राम सैंदा में घेराबंदी कर खाद से लदे दो पिकअप वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा है। इस कार्रवाई से अवैध उर्वरक माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
आधी रात के खेल पर प्रशासन का ‘एक्शन’
मुखबिर की सटीक सूचना पर उर्वरक निरीक्षक सुश्री मेहनाज अंसारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नीरज जायसवाल और बीटीएम गौरव श्रीवास्तव की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ छापेमारी की। टीम ने मौके पर दो पिकअप वाहनों (क्रमांक CG16CT4428 और CG10U9167) को रोककर तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में संदिग्ध उर्वरक बरामद हुआ।

जखीरे में क्या-क्या मिला?
जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहनों से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- PROM जैविक खाद: 42.50 क्विंटल (कुल 85 बैग)
- संदिग्ध लिक्विड पोषक तत्व: 25.50 लीटर (51 बोतलें)
⚖️ कानून का शिकंजा: लाइसेंस न ठिकाना, सीधे जेल का रास्ता
जांच में खुलासा हुआ कि पकड़े गए व्यक्तियों के पास जिले में उर्वरक बेचने या परिवहन करने का कोई वैध लाइसेंस मौजूद नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, यह सीधा-सीधा Fertilizer (Control) Order, 1985 और Essential Commodities Act, 1955 (आवश्यक वस्तु अधिनियम) का उल्लंघन है। टीम ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर दोनों वाहनों और खाद को जब्त कर खड़गवां थाना प्रभारी की सुपुर्दगी में दे दिया है।
“जिले में किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी बिना लाइसेंस या अवैध तरीके से खाद का भंडारण और विक्रय करेगा, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हमारी टीमें लगातार फील्ड पर तैनात हैं।” > — उप संचालक कृषि, जिला MCB
⚠️ किसानों के लिए जरूरी सलाह
कृषि विभाग ने जिले के अन्नदाताओं से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को ठगों के हाथ न जाने दें। हमेशा अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदें और बिल जरूर लें। यदि कहीं भी अवैध भंडारण या कालाबाजारी दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें।
निष्कर्ष: प्रशासन की इस ‘क्लीन स्वीप’ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि MCB जिले में अब कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं है। पुलिस और कृषि विभाग की यह जुगलबंदी आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे कर सकती है।
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