बड़ी खबर : IAS रजत बंसल : IPS से शुरू हुआ सफर, अब संभालेंगे छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क और संवाद की कमान

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मल्टी-टैलेंटेड ब्यूरोक्रेट : इंफोसिस में नौकरी, फ्रांस में ट्रेनिंग और 10वीं के टॉपर से लेकर ‘जनसंपर्क आयुक्त’ बनने तक का पूरा सफर

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर|छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक हलकों में रजत बंसल (IAS 2012) एक ऐसा नाम है जो अपनी कार्यकुशलता और सटीक निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में जनसंपर्क आयुक्त और ‘संवाद’ के CEO पद पर उनकी नियुक्ति ने एक बार फिर उनके बढ़ते कद को रेखांकित किया है। डॉ. रवि मित्तल के PMO स्थानांतरण के बाद इस महत्वपूर्ण पद की कमान संभाल रहे रजत बंसल का अब तक का सफर किसी मिसाल से कम नहीं है।

शिक्षा और प्रारंभिक जीवन: मेधावी छात्र से इंजीनियर तक

​25 जुलाई 1988 को जन्मे रजत बंसल मूलतः हरियाणा के रहने वाले हैं। उनके पिता वन सेवा (IFS) के अधिकारी रहे, जिससे प्रशासनिक सेवा का गुण उन्हें विरासत में मिला।

  • ​स्कूली शिक्षा: उनकी शुरुआती पढ़ाई लॉ मार्टिनियर स्कूल लखनऊ और डीपीएस आरके पुरम दिल्ली से हुई। मेधा का आलम यह था कि उन्होंने 10वीं कक्षा में अपने स्कूल में टॉप किया था।
  • ​इंजीनियरिंग: उन्होंने प्रतिष्ठित बिट्स पिलानी (BITS Pilani) से कंप्यूटर साइंस में बीई (BE) किया। पढ़ाई के दौरान वे फ्रांस में एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा बने, जिसके लिए उन्हें स्कॉलरशिप भी मिली।

नौकरी के साथ यूपीएससी का संघर्ष

​IAS बनने से पहले रजत बंसल ने कॉर्पोरेट जगत का अनुभव भी लिया। 2009 से 2011 तक उन्होंने इंफोसिस (Infosys) पुणे में जूनियर रिसर्च एसोसिएट के रूप में काम किया। खास बात यह है कि वे हफ्ते में दो दिन कोचिंग जाते और बाकी दिन नौकरी के साथ अपनी तैयारी जारी रखते थे।

IPS से IAS तक का रोमांचक सफर

  • ​पहला प्रयास: उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और पहले ही प्रयास में 168वीं रैंक हासिल कर वे IPS के लिए चुने गए। उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर मिला और उन्होंने 9 महीने तक पुलिस सेवा की ट्रेनिंग भी की।
  • ​दूसरा प्रयास: लेकिन लक्ष्य बड़ा था। दूसरे प्रयास में उन्होंने 85वीं रैंक हासिल की और IAS के लिए चुने गए।

​छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक अनुभव की लंबी फेहरिस्त

​3 सितंबर 2012 को आईएएस सेवा जॉइन करने के बाद रजत बंसल ने प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी छाप छोड़ी:

  1. ​शुरुआती दौर: रायगढ़ में सहायक कलेक्टर के रूप में फील्ड ट्रेनिंग, फिर राजनांदगांव के एसडीएम और जिला पंचायत सीईओ बने।
  2. ​जिलों की कमान: वे धमतरी, बस्तर और बलौदाबाजार-भाटापारा जैसे महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टर रहे। बस्तर में उनके कार्यकाल को विकास और नवाचार के लिए आज भी याद किया जाता है।
  3. शहरी विकास व योजनाएं: रायपुर नगर निगम के कमिश्नर, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के आयुक्त और प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक के रूप में उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं को क्रियान्वित किया।

सरकार और जनता के बीच ‘मजबूत सेतु’ की उम्मीद

​राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में रजत बंसल की इस नियुक्ति को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव रहते हुए उन्हें सरकार की प्राथमिकताओं की गहरी समझ है। अब जनसंपर्क आयुक्त और ‘संवाद’ के CEO के रूप में, यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी कार्यकुशलता से सरकार और जनता के बीच ‘संवाद’ के एक और भी मजबूत सेतु का निर्माण करेंगे।

वर्तमान जिम्मेदारी

​वर्तमान में वाणिज्य कर आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे रजत बंसल अब आयुक्त जनसंपर्क, CEO संवाद और संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म जैसे भारी-भरकम विभागों का नेतृत्व करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव होने के नाते वे सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में सबसे प्रभावी कड़ी साबित होंगे।

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