नई पहल न्यूज नेटवर्क। नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और पूर्व आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी का राजनीतिक कद अब राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने 14 से 25 वर्ष के युवा मतदाताओं (Gen-Z) से संवाद स्थापित करने के लिए एक विशेष उच्च स्तरीय केंद्रीय टीम का गठन किया है, जिसमें ओपी चौधरी को प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह ने दिया था अवॉर्ड, पीएम नरेंद्र मोदी के भी पसंदीदा
- प्रशासनिक उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय सम्मान: आईएएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवा के दौरान ओपी चौधरी ने दंतेवाड़ा में शिक्षा और विकास के क्षेत्र में मिसाल कायम की थी। उनके इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह ने उन्हें प्रतिष्ठित इम्पावर्ड प्राइम मिनिस्टर अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
- शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: अपनी कड़े फैसलों, दूरदर्शी सोच और प्रशासनिक पकड़ के चलते वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खास पसंद माने जाते हैं। यही कारण है कि संगठन में लगातार उनका कद बढ़ रहा है।
केंद्रीय टीम और आगामी युवा संवाद अभियान की मुख्य बातें
- दिग्गज नेताओं के साथ समन्वय: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में बनी इस केंद्रीय टीम में ओपी चौधरी के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी जैसे बड़े नेता शामिल हैं।
- देशभर में Gen-Z से सीधा संवाद: अगले महीने से यह राष्ट्रीय टीम देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर 14 से 25 साल के युवाओं से रूबरू होगी। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं की आकांक्षाओं, करियर, रोजगार और स्टार्टअप संबंधी चिंताओं को समझना और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को उन तक पहुंचाना है।
- संगठन में लगातार बढ़त: राष्ट्रीय स्तर पर यह जिम्मेदारी मिलने से ठीक पहले उन्हें छत्तीसगढ़ भाजपा की कोर कमेटी में भी शामिल किया गया है, जो राज्य में निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी समिति है।
ओपी चौधरी को ही क्यों चुना गया ?
- प्रशासनिक उत्कृष्टता व राष्ट्रीय सम्मान: आईएएस अधिकारी (दंतेवाड़ा कलेक्टर) के रूप में शिक्षा क्षेत्र में ‘एजुकेशन सिटी’ और ‘छू लो आसमान’ जैसे नवाचारों के लिए उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों ‘प्राइम मिनिस्टर एक्सीलेंस अवॉर्ड’ से नवाजा गया था।
- युवाओं के बीच गहरी पैठ व रोल मॉडल: महज 23 साल की उम्र में यूपीएससी क्रैक करने और बाद में प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में आने के कारण देश व प्रदेश के युवाओं में उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग और रोल मॉडल वाली छवि है।
- शीर्ष नेतृत्व का अटूट विश्वास: अपनी प्रशासनिक दक्षता, दूरदर्शी फैसलों और साफ-सुथरी छवि के चलते वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व (अमित शाह आदि) की खास पसंद माने जाते हैं।
- वित्तीय और नीतिगत विषय-विशेषज्ञता: राज्य के वित्त मंत्री होने के नाते युवाओं के रोजगार, बजट, स्टार्टअप्स और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों को गहराई से समझते हैं और उन्हें सरल भाषा में युवाओं तक पहुंचा सकते हैं।
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