सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक का गंभीर आरोप : नगर पंचायत अध्यक्ष के माध्यम से दिए गए थे पैसे, सूची में नाम न आने पर अब रुपये वापसी की मांग
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पामगढ़ (जांजगीर-चांपा)। स्थानीय राजनीति के गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हुए सीधे और तीखे मैसेज ने ‘पद के बदले पैसे’ के खेल को सरेआम उजागर कर दिया। पामगढ़ क्षेत्र के एक व्हाट्सएप ग्रुप “पामगढ़ मित्रमंडली” में सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक शरद चंद्र शर्मा द्वारा भेजा गया एक संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एल्डरमैन पद की नियुक्ति के एवज में ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) के कथित लेनदेन की बात कही गई है।
‘आज-कल’ के वादों से तंग आकर सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा
राजनीतिक रसूख और पद पाने की होड़ में बंद कमरों में होने वाले खेल अब खुलकर सामने आने लगे हैं। एल्डरमैन बनने की चाह में दी गई लाखों की रकम जब काम न आने पर डूबती नजर आई, तो नेताजी ने सीधे व्हाट्सएप ग्रुप में ही पैसे मांगने का संदेश पोस्ट कर दिया। फोन न उठाने और लगातार टालमटोल से तंग आकर सहकारिता प्रकोष्ठ के नेता ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए अपनी राशि शीघ्र लौटाने या लिखित में तारीख बताने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला ? वायरल मैसेज में खुलासा
वायरल मैसेज में शरद चंद्र शर्मा (जिला संयोजक, सहकारिता प्रकोष्ठ) ने अंबेश जांगड़े को संबोधित करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं:
- नगर पंचायत अध्यक्ष के जरिए लेनदेन: मैसेज के अनुसार, शरद शर्मा का दावा है कि उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद यादव के माध्यम से एल्डरमैन नियुक्ति के संबंध में अंबेश जांगड़े को ₹2,50,000 की राशि दी थी।
- सूची में नाम न आने पर मांगी राशि: जब नियुक्ति सूची जारी हुई और उसमें नाम शामिल नहीं हुआ, तो शरद शर्मा ने दी गई राशि वापस मांगने का निवेदन किया।
- संपर्क से दूरी और टालमटोल: मैसेज में आरोप लगाया गया है कि पिछले कई दिनों से अंबेश जांगड़े फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं और हर बार “आज-कल” कहकर बात को टाला जा रहा है।
- लिखित आश्वासन की मांग: अंत में शरद शर्मा ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि या तो उनकी ढाई लाख रुपये की राशि शीघ्र वापस की जाए या फिर लिखित में बताया जाए कि राशि कब तक लौटाई जाएगी।
क्षेत्रीय राजनीति में मचा हड़कंप
इस व्हाट्सएप संदेश के सामने आते ही पामगढ़ और जांजगीर-चांपा जिले की राजनीति में गर्माहट आ गई है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और नागरिकों के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया है कि कैसे संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों के नाम पर बड़े पैमाने पर लेनदेन के दावे किए जा रहे हैं।
इस मामले में नामजद पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे के बाद संबंधित संगठन या प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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