छत्तीसगढ़ में पारा चढ़ने से बढ़ी चिंता, बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिकों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह, पशु-पक्षियों के लिए पानी रखने का आग्रह
नई पहल न्यूज नेटवर्क। अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के बीच अम्बिकापुर के विधायक तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों के नाम एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील संदेश जारी किया है। उन्होंने जनता से इस चुनौतीपूर्ण मौसम में सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ काम करने की पुरजोर अपील की है।
मंत्री अग्रवाल ने दोटूक शब्दों में कहा कि अत्यधिक गर्मी, लू और डिहाइड्रेशन की स्थिति बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले आसमान के नीचे पसीना बहाने वाले श्रमिक साथियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें : मंत्री की सलाह
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने आम जनता से अपने दैनिक व्यवहार में छोटे लेकिन जरूरी बदलाव करने का आग्रह किया है:
- अनावश्यक रूप से बाहर न जाएं: दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक, जब धूप का प्रकोप सबसे खतरनाक होता है, तब बहुत जरूरी काम न होने पर घर से बाहर निकलने से बचें।
- हाइड्रेटेड रहें: लगातार पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। जब भी घर से बाहर निकलें, पानी की बोतल हमेशा अपने साथ रखें।
- छोटी सावधानी, बड़ा बचाव: तेज धूप से सीधा संपर्क आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। सूती कपड़े पहनें, सिर और चेहरे को ढककर रखें।
मानवता का धर्म: राहगीरों के लिए करें पानी की व्यवस्था
मंत्री अग्रवाल ने समाज के सक्षम लोगों, व्यापारियों और संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस संकट की घड़ी में सेवा का हाथ आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा:
”यदि संभव हो तो अपने घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था अवश्य करें। संवेदना का यह छोटा सा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी राहत और संबल बन सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि रास्ते में किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ओआरएस (ORS) घोल या अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराएं और बिना देर किए नजदीकी चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करें।
एक छोटा सा पानी का पात्र दे सकता है बेजुबानों को जीवन’
इंसानों के साथ-साथ मूक पशु-पक्षियों के दर्द को साझा करते हुए संस्कृति मंत्री ने प्रदेशवासियों से उनके प्रति भी संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया है।
उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षी और आवारा पशु पानी की बूंद-बूंद के लिए भटकते हैं। यदि हम सभी अपने घर के आंगन, छत, दुकान या आसपास पानी का एक छोटा सा पात्र (बर्तन) नियमित रूप से भरकर रखें, तो यह छोटी सी पहल किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।
सेवा, सजगता और एकजुटता का समय
बयान के अंत में छत्तीसगढ़ के पर्यटन व संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह कठिन समय हमारी सेवा, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना की परीक्षा है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से एक-दूसरे का संबल बनने और मानवता के इस पावन दायित्व को मिलकर निभाने की अपील की है, ताकि इस भीषण गर्मी के प्रकोप से जान-माल की सुरक्षा की जा सके।
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