भिलाई में जन्म, राजनीति शास्त्र से स्नातक और संजारी-बालोद में ‘सिन्हा दंपत्ति’ की हैट्रिक; जानिए महिला कांग्रेस की नई कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष की पूरी कहानी
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने महिला संगठन को नई धार देने के लिए संजारी-बालोद की फायरब्रांड विधायक संगीता सिन्हा को महिला कांग्रेस की प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया है। विधानसभा में जनता के मुद्दों पर दहाड़ने वाली संगीता सिन्हा की छवि एक बेदाग, जमीनी और बेहद सक्रिय नेत्री की है। आइए जानते हैं भिलाई की गलियों से निकलकर छत्तीसगढ़ की सियासत का बड़ा चेहरा बनने वाली संगीता सिन्हा के जीवन के अनसुने पहलू, उनकी शिक्षा और राजनीतिक रसूख के बारे में:
भिलाई में बीता बचपन, राजनीति शास्त्र से ग्रेजुएशन
संगीता सिन्हा का छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर भिलाई से गहरा नाता है। उनका जन्म भिलाई के सेक्टर-9 में हुआ था। उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा भिलाई के ही सेक्टर-7 के स्कूल से पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने कॉलेज का रुख किया और राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की। कॉलेज में पढ़ा यही राजनीति शास्त्र आगे चलकर उनकी जिंदगी का मुख्य हिस्सा बन गया।

ससुराल में सीखी सियासत, पति भी रह चुके हैं विधायक
संगीता सिन्हा का विवाह बालोद जिले के कद्दावर और वरिष्ठ नेता भैयाराम सिन्हा से हुआ। भैयाराम सिन्हा खुद संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। विवाह के बाद संगीता सिन्हा ने अपने ससुराल के राजनीतिक माहौल को करीब से समझा। उन्होंने संगठन की बारीकियां, जनसेवा के तरीके और जमीन पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के गुर यहीं से सीखे।
‘सिन्हा दंपत्ति’ की ऐतिहासिक हैट्रिक का रिकॉर्ड
संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र में ‘सिन्हा दंपत्ति’ का राजनीतिक रसूख बेहद मजबूत है। इस क्षेत्र की जनता का इस परिवार पर कितना भरोसा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस विधानसभा सीट पर सिन्हा दंपत्ति ने लगातार चुनाव जीतकर ‘जीत की ऐतिहासिक हैट्रिक’ बनाई है। साल 2018 में संगीता सिन्हा पहली बार विधायक बनीं और फिर साल 2023 के कड़े मुकाबले में भी उन्होंने दोबारा शानदार जीत दर्ज की।
विधानसभा में दमदार परफॉरमेंस, मिल चुका है ‘उत्कृष्ट विधायक’ का गौरव
संगीता सिन्हा सिर्फ एक लोकप्रिय चेहरा नहीं हैं, बल्कि विधायी कामकाज में भी उनका लोहा माना जाता है। विधानसभा के भीतर आम जनता, किसानों और महिलाओं के मुद्दों को पूरी प्रखरता और निडरता से उठाने के लिए उन्हें वर्ष 2022-23 के लिए ‘उत्कृष्ट विधायक’ के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा चुका है। वे गृह निर्माण मंडल की सदस्य समेत विधानसभा की कई बड़ी कमेटियों में भी रह चुकी हैं।
महिलाओं के हक की लड़ाई और सामाजिक नेतृत्व
संगीता सिन्हा की पहचान महिलाओं को हक दिलाने वाली नेत्री के रूप में भी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा महिलाओं और छात्राओं के साथ होने वाली प्रताड़ना की घटनाओं की जांच के लिए जो विशेष समितियां बनाई गईं, संगीता जी ने उनमें संयोजक (अध्यक्ष) के रूप में कड़े और निष्पक्ष फैसले लिए। इसके अलावा वे डड़सेना (कलार) समाज, जिला बालोद के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष के रूप में सामाजिक चेतना भी जगा रही हैं।
एक नजर में संगीता सिन्हा की प्रोफाइल:
- जन्म स्थान: सेक्टर-9, भिलाई (छत्तीसगढ़)
- स्कूली शिक्षा: सेक्टर-7, भिलाई (छत्तीसगढ़)
- शैक्षणिक योग्यता: राजनीति शास्त्र में स्नातक
- पति का नाम: श्री भैयाराम सिन्हा (पूर्व विधायक)
- वर्तमान जिम्मेदारी: विधायक (संजारी-बालोद) एवं नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस
- शौक: बागवानी, अध्ययन, सामाजिक कार्य और यात्रा करना
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