ई-फार्मेसी के खिलाफ बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट : जनस्वास्थ्य और छोटे व्यापारियों के संरक्षण के लिए कोरिया जिला औषधि विक्रेता संघ ने खोला मोर्चा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। देश में पैर पसार रही अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के खिलाफ अब जमीनी स्तर पर निर्णायक जंग शुरू हो गई है। जनस्वास्थ्य पर मंडराते गंभीर खतरे और छोटे केमिस्टों के वजूद को बचाने के लिए अविभाजित कोरिया जिला औषधि विक्रेता संघ पूरी ताकत से मैदान में उतर आया है। आगामी 20 मई 2026 को होने वाले राष्ट्रव्यापी विरोध के मद्देनजर, संघ के सचिव सुरेंद्र प्रताप सिंह और वरिष्ठ केमिस्ट व संघ के संरक्षक नरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान दवा व्यापारियों ने जनस्वास्थ्य और छोटे केमिस्टों को हो रही अपूरणीय क्षति से अवगत कराते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक सशक्त ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा और इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की।
दवा व्यापारियों की चार प्रमुख मांगें: जिस पर टिकी है केमिस्टों की साख
प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष स्पष्ट किया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा नियमों को ताक पर रखकर की जा रही दवाओं की होम डिलीवरी न केवल नशे और गलत दवाओं के चलन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर वर्षों से सेवाएं दे रहे छोटे व्यापारियों को मंदी के गर्त में धकेल रही है। इस संकट से उबरने के लिए संघ ने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से उठाई हैं:

- कठोर दंडात्मक कार्यवाही: अवैध तरीके से संचालित हो रही ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कड़े कानूनी कदम उठाए जाएं।
- सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन की अनिवार्यता: बिना वैध और पूरी तरह सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
- विवादास्पद प्रावधानों की वापसी: केमिस्टों के हितों को प्रभावित करने वाले नियमों— GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
- पूंजीवादी नीतियों पर लगाम: कॉर्पोरेट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा बाजार को एकाधिकार में लेने के लिए अपनाई जा रही अत्यधिक छूट (Deep Discounting) और प्रेडेटरी प्राइसिंग नीति पर तुरंत रोक लगे।
एकजुटता की मिसाल: प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये प्रमुख चेहरे
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को ज्ञापन सौंपने और छोटे व्यापारियों के हक की आवाज बुलंद करने के लिए मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के प्रमुख दवा व्यवसायी एकजुट नजर आए। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान सुरेंद्र प्रताप सिंह और नरेंद्र अरोड़ा के साथ प्रमोद अग्रवाल, मनोज नेताम, मनीष शिवहरे, राजेश गोयल, अनुराग जैन, सौरभ ताम्रकार, सावन कुमार शर्मा, आनंद (शारदा मेडिकल) और विशेष सोनी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
असरदार पहल: स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने दवा व्यापारियों की इन जायज चिंताओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना और जनस्वास्थ्य व छोटे केमिस्टों के हितों के संरक्षण के लिए इस विषय को उचित मंच पर उठाने का आश्वासन दिया। केमिस्टों के इस आक्रामक रुख से अब 20 मई के राष्ट्रव्यापी विरोध को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
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