प्रशासनिक तानाशाही, योजनाओं में लापरवाही और सार्वजनिक गरिमा के हनन को लेकर आर-पार के मूड में भाजपा; तथ्यों और दस्तावेजों के साथ होगा आंदोलन
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सोनहत (कोरिया)। सोनहत क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मनमानी, भ्रष्टाचार, शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में लापरवाही और जनप्रतिनिधियों व आम जनता के साथ अशोभनीय व्यवहार के खिलाफ भाजपा नेता मनोज साहू ने मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र की चरमराती प्रशासनिक व्यवस्था और जनता के आक्रोश को देखते हुए उन्होंने 10 सितंबर से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन का ऐलान किया है। इस बड़े आंदोलन से पहले सोए हुए प्रशासन को जगाने और जनसमस्याओं को पटल पर लाने के लिए सोनहत में एक विशाल ‘चेतावनी यात्रा’ भी निकाली जाएगी।


सत्याग्रह से पहले ‘चेतावनी यात्रा’ से प्रशासन को घेरने की तैयारी
मनोज साहू ने स्पष्ट किया कि 10 सितंबर से शुरू होने वाले सत्याग्रह से पूर्व सोनहत क्षेत्र में एक व्यापक ‘चेतावनी यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा।
- उद्देश्य: इस यात्रा के माध्यम से प्रशासन को जनता की समस्याओं, लंबित शिकायतों और क्षेत्र की उपेक्षा से अंतिम बार अवगत कराया जाएगा।
- रणनीति: यदि चेतावनी यात्रा के बाद भी शासन-प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो 10 सितंबर से सत्याग्रह आंदोलन पूर्ण रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
- आंदोलन के मुख्य मुद्दे एवं आरोप
- जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल: केंद्र व राज्य सरकार की अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की मंशा पर स्थानीय अधिकारी पानी फेर रहे हैं। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ से वंचित करने और मनमाने फैसले लेने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
- PM आवास योजना पर टिप्पणी का विवाद: गरीबों के आशियाने से जुड़ी ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ पर एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा की गई सार्वजनिक आलोचनात्मक टिप्पणी पर मनोज साहू ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारी पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
- नियुक्ति एवं पदस्थापना में धांधली का आरोप: क्षेत्र में अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति और पोस्टिंग में नियमों को दरकिनार कर मनमानी की जा रही है। व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और नियमों के पालन की मांग जोर-शोर से उठाई गई है।
“हमारा आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की मनमानी, लापरवाही और जवाबदेही के अभाव के खिलाफ है। कई बार लिखित शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना जनता के सब्र को तोड़ रहा है।”
— मनोज साहू, भाजपा नेता
हवा-हवाई आरोप नहीं, तथ्यों और सबूतों के साथ होगा वार
मनोज साहू ने साफ किया है कि यह सत्याग्रह केवल मौखिक आरोपों तक सीमित नहीं रहेगा। आंदोलन के दौरान प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े पुख्ता दस्तावेज, पूर्व में की गई शिकायतें और जमीनी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
- लोकतांत्रिक अधिकार: “यदि शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तो जनता के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए सत्याग्रह करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।”
- प्रशासन को अंतिम अपील: मनोज साहू ने प्रशासन से आग्रह किया है कि चेतावनी यात्रा और सत्याग्रह की नौबत आने से पहले ही शिकायतों का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच शुरू की जाए।
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