SECL श्रद्धा महिला मंडल की पहल: ज्ञानदीप कन्या विद्यालय में राशन और उपहारों का वितरण, ‘गुड टच-बैड टच’ पर बच्चों को किया जागरूक
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। ईश्वर की अनुपम कृति कहे जाने वाले दृष्टिबाधित बच्चों के बीच जब खुशियों की दस्तक पहुँची, तो नन्हीं आँखों में चमक और चेहरों पर मुस्कान बिखर गई। महिला कल्याण समाज, SECL द्वारा ज्ञानदीप कन्या विद्यालय (दृष्टिबाधित संस्थान) में एक भव्य सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल सहायता पहुँचाना था, बल्कि इन बच्चों की अदम्य इच्छाशक्ति को सलाम करना भी था।
विलक्षण प्रतिभा का संगम: गीतों और कविताओं से जीता दिल
कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित बच्चियों ने अपनी आंतरिक दृष्टि और विलक्षण प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि वहां मौजूद हर कोई भावुक हो उठा। बच्चों ने स्वरचित कविताएँ, मधुर गीत-संगीत और वाद-विवाद की ऐसी मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिसने यह साबित कर दिया कि शारीरिक अक्षमता उनके हौसलों के आगे बौनी है। महिला कल्याण समाज की पदाधिकारियों ने इन बच्चों की प्रतिभा को निकट से अनुभव किया और इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

जरूरतों का ख्याल और आत्म-सुरक्षा का पाठ
सेवा कार्य के अंतर्गत विद्यालय को राशन सामग्री, फल, बिस्किट, तिल के लड्डू और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं भेंट की गईं।
- आध्यात्मिक जुड़ाव: सभी सदस्यों और बच्चों ने मिलकर सामूहिक गायत्री मंत्र का पाठ किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
- जागरूकता अभियान: कार्यक्रम में शेफाली घोष ने बच्चों को ‘Good Touch – Bad Touch’ के विषय में विस्तार से जानकारी दी। दृष्टिबाधित बच्चों के लिए आत्म-सुरक्षा की यह समझ विकसित करना एक सराहनीय और संवेदनशील पहल रही।
टीम वर्क और सफल नेतृत्व
यह संपूर्ण आयोजन महिला कल्याण समाज की सचिव माधुरी तिवारी के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की सफलता में समाज की सक्रिय सदस्यों— रेहाना खान, कविता घोष, कृति गंगाजली, पुष्पलता पटेल, सरोज वस्त्रकार, शेफाली घोष, सविता चौहान एवं सुनीता जायसवाल का विशेष योगदान रहा। उनकी सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को एक यादगार उत्सव में बदल दिया।
समाज के लिए एक संदेश
महिला कल्याण समाज ने इस आयोजन के माध्यम से संदेश दिया कि इन बच्चों को दया की नहीं, बल्कि अवसर और अपनेपन की आवश्यकता है। संस्थान की शिक्षिकाओं और बच्चों ने SECL महिला मंडल के इस प्रयास के प्रति आभार व्यक्त किया।
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