संस्कृति के अपमान और रील के चस्के पर चला कानून का डंडा; पुलिस ने दर्ज किया मामला, दी कड़ा संदेश
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और पब्लिसिटी की हवस में सांस्कृतिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाना कुछ युवकों और महिलाओं को भारी पड़ गया। गरबा की पारंपरिक वेशभूषा पहनकर हाथ में पिस्टल लहराने और सिगरेट के कश खींचते हुए रील बनाने वाले गिरोह पर बिलासपुर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रचार के नाम पर परोसी गई अश्लीलता और गन कल्चर
मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता के अनुसार, एक महिला और उसके महिला व पुरुष साथियों ने गरबा टिकट और मेकअप आर्टिस्ट्री के प्रचार-प्रसार के लिए एक वीडियो तैयार किया था।

वीडियो में आरोपी पारंपरिक गरबा ड्रेस पहनकर:
- बेधड़क सिगरेट का सेवन करते दिखे।
- हाथ में पिस्टलनुमा वस्तु लहराते हुए नजर आए।
- भारतीय संस्कृति के सर्वथा विपरीत अशोभनीय व्यवहार को महिमामंडित करते पाए गए।
सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम व फेसबुक) पर वीडियो वायरल होते ही आमजन में भारी आक्रोश पनप गया। शिकायत में आशंका जताई गई कि इस तरह के कृत्यों से युवाओं पर बेहद गलत असर पड़ेगा और सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा।
कानूनी शिकंजा : BNS की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिलासपुर पुलिस ने बिना देरी के कड़ा रुख अपनाया। शिकायत और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 1390/2026 दर्ज किया।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई:
- धारा 196 (BNS): धर्म, जाति या संस्कृति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना।
- धारा 299 (BNS): धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करना।
- धारा 3(5) (BNS): समान मंशा से मिलकर अपराध को अंजाम देना।
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, सभी आरोपियों के खिलाफ पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर भारी से भारी राशि का बाउंड ओवर कराया जा रहा है, ताकि भविष्य में वे ऐसी दुस्साहस न कर सकें।
बिलासपुर पुलिस की सख्त चेतावनी: ‘रील्स के चक्कर में न भूलें कानून की सीमाएं’
घटना के बाद बिलासपुर पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम जनता के लिए बेहद सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है:
- धार्मिक व सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान: प्रचार या मनोरंजन के नाम पर धार्मिक आस्था और परंपराओं का ऐसा उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
- 24×7 साइबर निगरानी: सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक, अश्लील और भ्रामक सामग्री पर पुलिस की पैनी नजर है।
- हथियार और अश्लीलता पर जीरो टॉलरेंस: व्यूज पाने के लिए हथियार लहराने या अशोभनीय प्रदर्शन करने वालों को सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
पुलिस की अपील:
“सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें। लाइक्स और पब्लिसिटी के लिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
About The Author










































