आका राहुल गांधी की राह पर चल रहे हैं भूपेश बघेल, जहाँ जाते हैं वहाँ हार तय है, बीजेपी प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर खोली ‘चुनावी नाकामी’ की फाइल !
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस 20 जून से अपने जिलाध्यक्षों को ‘चुनावी और सांगठनिक गुर’ सिखाने के लिए एक बड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रही है। 21 जून को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद इस शिविर में शिरकत कर पार्टी पदाधिकारियों में जोश भरेंगे। लेकिन, इस ‘ट्रेनिंग कैंप’ के शुरू होने से पहले ही प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की इस कवायद को आड़े हाथों लेते हुए एक बेहद चुभने वाला तंज कसा है।
छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बैक-टू-बैक पोस्ट कर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।


“अपने आका राहुल गांधी की राह पर हैं भूपेश”
बीजेपी प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने अपने पहले पोस्ट में सीधे तौर पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल की ‘जीत दिलाने की क्षमता’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कड़े शब्दों में लिखा:
“भूपेश बघेल जी अपने आका राहुल गांधी की राह पर चल रहे हैं। जहाँ-जहाँ प्रभारी या पर्यवेक्षक बनाये जाते हैं, वहाँ कांग्रेस की हार निश्चित हो जाती है।”
इसके साथ ही, उन्होंने झारखंड राज्यसभा चुनाव में बेहतरीन रणनीतिक कौशल दिखाने और जीत दर्ज कराने के लिए छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को बधाई दी, जिससे कांग्रेस के रणनीतिकारों पर सीधा निशाना साधा गया।
दीपक बैज को दी ‘नए प्रशिक्षण विषय’ की नसीहत
हमला यहीं नहीं रुका। अपनी दूसरी पोस्ट में उज्ज्वल दीपक ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को टैग करते हुए शिविर के लिए एक व्यंग्यात्मक ‘सिलेबस’ ही सुझा दिया। उन्होंने लिखा:
“दीपक बैज जी, इस विषय पर भी एक प्रशिक्षण होना चाहिए— ‘प्रभारी / पर्यवेक्षक के रूप में सारे दायित्वों में लगातार फ़ेल होने के बाद भी कैसे अगले प्रभारी का दायित्व लिया जाये’।”
अखबार की कटिंग ने बढ़ाई सियासी तपिश:
अपने इस तंज को और प्रामाणिक बनाने के लिए उज्ज्वल दीपक ने एक अखबार की कटिंग भी साझा की। इस खबर की हेडलाइन है— “झारखंड राज्यसभा चुनाव में विजय की रणनीति काम आई, भूपेश का दांव फेल”। यह साफ तौर पर यह संदेश देती है कि जहां भाजपा के विजय शर्मा पर्यवेक्षक के रूप में ‘पास’ हुए, वहीं कांग्रेस के दिग्गज भूपेश बघेल पूरी तरह ‘फेल’ साबित हुए।
क्या होगा कांग्रेस का पलटवार ?
राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन से ठीक पहले बीजेपी ने यह मुद्दा उठाकर कांग्रेस के ‘लीडरशिप मॉडल’ पर ही करारी चोट की है। एक तरफ कांग्रेस अपने कैडर को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी ने यह नैरेटिव सेट कर दिया है कि जो नेता खुद अपनी जिम्मेदारियों में फेल हो रहे हैं, वो जिलाध्यक्षों को जीत का क्या मंत्र देंगे?
अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की सरगर्मी तेज है कि क्या कांग्रेस और भूपेश बघेल इस तीखे वार का कोई आक्रामक जवाब देंगे, या फिर ‘ट्रेनिंग कैंप’ के मंच से कोई नई सियासी बिसात बिछाई जाएगी?
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