मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के गृह संभाग सरगुजा में फूटा भ्रष्टाचार का घड़ा
‘विष्णु-लक्ष्मी का एक ही सूत्र… कमीशन लेंगे चाहे साड़ी हो या मंगलसूत्र’
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर । मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में नवविवाहित बेटियों को नकली और गिलट का मंगलसूत्र थमाना भाजपा सरकार के महाभ्रष्टाचार और संवेदनहीनता का सबसे शर्मनाक प्रमाण है। प्रदेश की भाजपा सरकार एक तरफ महिलाओं को महतारी वंदन योजना के नाम पर महज ₹1000 का झुनझुना थमाकर अपनी पीठ थपथपा रही है, तो दूसरी तरफ उनकी अस्मिता और सुहाग के सबसे पवित्र प्रतीक ‘मंगलसूत्र’ का सरेआम अपमान कर रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंचों से चीख-चीखकर विपक्ष पर “मंगलसूत्र छीन लेने” का मनगढ़ंत आरोप लगाते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में उनकी अपनी ही डबल इंजन सरकार गरीब और आदिवासी बेटियों के गले से असली मंगलसूत्र छीनकर नकली गिलट थमा रही है।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व विधायक संगीता सिन्हा ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में हुए सामूहिक कन्या विवाह में सामने आए इस घिनौने घोटाले पर सरकार को आड़े हाथों लिया है।
184 बेटियों के सुहाग से खिलवाड़ : खजाने से निकले चांदी के पैसे, महिलाओं तक पहुंचते ही बन गए ‘गिलट’
संगीता सिन्हा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह में शामिल 184 नवविवाहित जोड़ों को जो मंगलसूत्र चांदी का बताकर सरकारी खर्च पर दिया गया था, वह पूरी तरह नकली और गिलट (सस्ती मिलावटी धातु) का निकला। विभाग की फाइलों से पैसे असली चांदी के मंगलसूत्र के नाम पर स्वीकृत कराकर ठिकाने लगा दिए गए, लेकिन जब वह गरीब बेटियों के गले तक पहुंचा, तो वह कौड़ियों के दाम वाला नकली छलावा बन चुका था। विवाह जैसे पवित्र और संवेदनशील संस्कार में ऐसा भ्रष्टाचार करके यह सरकार सीधे तौर पर जनता की आस्था और भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। महिला बाल विकास विभाग का शर्मनाक साड़ी घोटाला तो प्रदेश ने देखा ही था, अब यह ‘मंगलसूत्र घोटाला’ इस सरकार के माथे पर परमानेंट कलंक बन गया है।
मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के ‘घर’ में ही पड़ा डाका
संगीता सिन्हा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और बेशर्मी की बात है कि यह पूरा महाघोटाला खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अपने गृह संभाग (सरगुजा) में हुआ है। जब मुख्यमंत्री और विभागीय महिला मंत्री अपने ही संभाग की गरीब और आदिवासी बेटियों के सुहाग की निशानी की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं, तो पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था और शुचिता की क्या उम्मीद की जाए? विभाग में एक महिला मंत्री के बैठे होने के बावजूद छत्तीसगढ़ की महिलाओं के अधिकारों पर सरेआम डाका डाला जा रहा है और विभागीय मंत्री सिर्फ ‘कमीशन-कमीशन’ के खेल में व्यस्त हैं।
कमीशनखोरी का ‘सुपरमार्केट’ बना महिला एवं बाल विकास विभाग
संगीता सिन्हा ने विभाग में चल रहे सिलसिलेवार घोटालों का चिट्ठा खोलते हुए कहा कि आज पूरे विभाग की टैगलाइन बन चुकी है— “विष्णु-लक्ष्मी का एक ही सूत्र, कमीशन लेंगे चाहे साड़ी हो या मंगलसूत्र”।
- घटिया साड़ी घोटाला: हाल ही में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जो साड़ियां बांटी गईं, वे इतनी घटिया और 5 मीटर से भी कम लंबाई-चौड़ाई की थीं कि महिलाएं उनका उपयोग तक नहीं कर सकीं।
- फर्जी शादियों का खेल: सिर्फ पैसे कमाने और कागजी आंकड़े चमकाने की भूख में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में पहले से शादीशुदा जोड़ों की दोबारा शादी करा दी जाती है, ताकि उनके नाम पर आने वाले दहेज के सामान और प्रोत्साहन राशि का गबन किया जा सके।
- रायपुर का टेंडर घोटाला: इससे पहले रायपुर में हुए सामूहिक विवाह में बिना किसी टेंडर के चहेतों को काम देकर पंडाल और व्यवस्थाओं में करोड़ों का वारा-न्यारा किया गया था।
- अरबों का बंदरबांट: इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में 40 करोड़ रुपये से अधिक की पोषण सामग्री खरीदी में गड़बड़ी, 2,899 केंद्रों में नियमों को ताक पर रखकर टुकड़ों में 16 करोड़ की टीवी और आरओ (RO) यूनिट खरीदी का घोटाला तथा ‘सुचिता योजना’ के तहत सेनेटरी पैड वितरण में भारी भ्रष्टाचार किया गया।
महिला कांग्रेस देगी करारा जवाब
संगीता सिन्हा ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि महिला कांग्रेस इस शर्मनाक मंगलसूत्र घोटाले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई (FIR) की मांग करती है। बेटियों के सुहाग का अपमान करने वाली इस बहरी और बेशर्म सरकार को चैन से बैठने नहीं दिया जाएगा। यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो महिला कांग्रेस पूरी ताकत के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी और जनता की अदालत में इस सरकार को बेनकाब करेगी।
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