साल भर से फाइल ‘गुम’, तो दफ्तर को ‘बादाम’ खिलाने पहुंचा पीड़ित युवक, अनोखे विरोध का वीडियो वायरल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। सरकारी दफ्तरों में फाइलों का धूल खाना पुरानी बात है, लेकिन बिलासपुर के तिफरा में एक युवक ने सिस्टम की ‘भूलने की बीमारी’ का जो इलाज ढूंढा है, उसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। एक साल से नामांतरण के लिए भटक रहे युवक ने जब देखा कि मैडम को उसकी फाइल याद ही नहीं आ रही, तो वह सीधे बादाम का पैकेट लेकर दफ्तर पहुंच गया।
क्या है पूरा मामला ?
मामला तिफरा क्षेत्र का है, जहाँ एक युवक ने रिसेल (Resale) में एक EWS फ्लैट खरीदा था। नियमानुसार, फ्लैट के मालिकाना हक के लिए उसने नामांतरण की फाइल विभाग में जमा की थी।
- इंतजार का एक साल: युवक पिछले एक साल से दफ्तर के चक्कर काट रहा है।
- लापरवाही का बहाना: हर बार उसे यह कहकर लौटा दिया जाता कि उसकी फाइल मिल नहीं रही है या ‘गुम’ हो गई है।
- अनोखा विरोध: युवक का आरोप है कि अधिकारी जानबूझकर मामले को लटका रहे हैं। थक-हारकर उसने अधिकारियों की ‘याददाश्त’ दुरुस्त करने का फैसला किया।
टेबल पर बिखेरे बादाम, वीडियो हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक हाथ में बादाम लेकर मैडम की टेबल पर पहुंचता है। वह तंज कसते हुए कहता है कि “शायद बादाम खाने से आपकी याददाश्त बढ़ जाए और आपको मेरी एक साल पुरानी फाइल याद आ जाए।”
मैडम, एक साल हो गया चक्कर काटते। आप कहती हैं फाइल नहीं मिल रही। ये लीजिए बादाम खाइए, शायद दिमाग तेज चले और मेरी फाइल ढूंढने में मदद मिले।
— पीड़ित युवक (वीडियो के अनुसार)
सोशल मीडिया पर मिली ‘प्रशंसा’
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, लोगों ने युवक के इस “गांधीवादी लेकिन तीखे” विरोध की तारीफ शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार और लेटलतीफी के खिलाफ यह एक प्रभावशाली प्रहार है।



प्रशासनिक खेमे में खलबली
वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि बादाम खाने के बाद अधिकारी की याददाश्त वापस आती है और युवक की फाइल मिलती है या नहीं, या फिर यह मामला भी पुरानी फाइलों की तरह ही दबा दिया जाएगा।




