मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की पहल से PDS व्यवस्था में आई पारदर्शिता, मनेंद्रगढ़ में सतर्कता समिति ने पेश की मिसाल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ की माटी और यहाँ की कृषि प्रधान संस्कृति का प्रतिबिंब ‘चावल तिहार’ आज प्रदेश में सुशासन का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘धान का कटोरा’ की सार्थकता को सिद्ध करते हुए खाद्य सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। यह आयोजन केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान और उसकी थाली में सम्मान सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है।
पारदर्शिता की नई इबारत
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्थानीय प्रशासन और सतर्कता समितियाँ मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं। इसी कड़ी में नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 10 स्थित ‘नरेन्द्र स्वामी महिला बचत समूह’ की राशन दुकान में ‘चावल तिहार’ का सफल क्रियान्वयन देखा जा रहा है। यहाँ शासन की नीतियों को जमीन पर उतारने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक एक सेतु के रूप में कार्य कर रहे हैं।

जनभागीदारी से मजबूत होती व्यवस्था
राशन वितरण की निगरानी और व्यवस्था को सुचारू बनाने में स्थानीय सतर्कता समिति की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। इस समिति में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और जिम्मेदार प्रतिनिधि अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, जिनमें नीलू जायसवाल (पार्षद), मुकेश अग्रवाल पार्षद, फूड इंस्पेक्टर भूपेन्द्र, सत्यनारायण अग्रवाल, सतीश उपाध्याय, अनुपमा निशी, शकुन्तला जायसवाल, शेषनाथ गुप्ता, अशोक अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, अरुण ताम्रकार, बुरहानुद्दीन बोहरा, अनुराग जैन और परमानंद सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से यह सुनिश्चित हो रहा है कि राशन दुकान क्रमांक 531002014 पर मिलने वाला अनाज सीधे और सही मात्रा में पात्र हितग्राहियों तक पहुँचे।
संकल्प से सिद्धि की ओर
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का स्पष्ट मानना है कि जब प्रशासन और सजग नागरिक मिलकर काम करते हैं, तभी ‘चावल तिहार’ जैसे जनकल्याणकारी अभियान सफल होते हैं। एम.सी.बी. जिले में यह सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी वितरण प्रणाली के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह उत्सव वास्तव में छत्तीसगढ़ के हर वंचित परिवार को खाद्य सुरक्षा की गारंटी देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है।
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