अवैध कटाई और गरीबों के आशियानों पर चले बुलडोजर का मिला ‘इनाम’, गुलाब कमरो के निर्देश पर अविनाश पाठक की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ लाई रंग
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरिया। वन मंडल में लंबे समय से चल रहा तानाशाही और भ्रष्टाचार का ‘जंगलराज’ आखिरकार जन-दबाव के आगे ढेर हो गया। जंगलों की बेखौफ कटाई, घटिया निर्माण और अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के आशियानों को रौंदने वाली कार्यप्रणाली पर शासन ने बड़ा हंटर चलाया है। लगातार बढ़ते विरोध और शिकायतों के बाद कोरिया डीएफओ (DFO) का तबादला कर दिया गया है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में जन-आवाज की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
सियासी गलियारों से सड़क तक छिड़ी थी जंग
कोरिया वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर पिछले कई महीनों से माहौल गरमाया हुआ था। पूर्व विधायक गुलाब कमरो के मार्गदर्शन में जिला कांग्रेस प्रवक्ता अविनाश पाठक ने वन विभाग की कथित अनियमितताओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। पाठक ने न केवल जंगलों में हो रही पेड़ों की अवैध बलि को उजागर किया, बल्कि विभाग द्वारा कराए जा रहे घटिया निर्माण कार्यों की पोल भी खोल कर रख दी थी।
बुलडोजर कार्रवाई ने बढ़ाया था पारा
विवाद की सबसे बड़ी वजह अतिक्रमण हटाने के नाम पर अपनाई गई ‘दोहरी नीति’ बनी। एक तरफ जहां रसूखदारों के कब्जे बरकरार रहे, वहीं दूसरी ओर गरीब आदिवासियों और ग्रामीणों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर किया गया। इस संवेदनहीन कार्रवाई ने स्थानीय जनता में विभाग के प्रति भारी आक्रोश पैदा कर दिया था, जिसे जनप्रतिनिधियों ने पुरजोर तरीके से शासन के सामने रखा।
इन बड़े मुद्दों ने तय की विदाई की पटकथा:
- जंगलों की खुली लूट: अवैध कटाई पर लगाम लगाने में विभाग की नाकामी।
- घटिया निर्माण: विभागीय कार्यों में गुणवत्ता से समझौता और भारी भ्रष्टाचार के आरोप।
- गरीबों पर जुल्म: अतिक्रमण के नाम पर बिना किसी ठोस विकल्प के गरीबों के घर उजाड़ना।
- लगातार शिकायतें: शासन स्तर पर विभाग की छवि धूमिल होना।
वन विभाग में हड़कंप, नए अधिकारी से उम्मीदें
डीएफओ के तबादले की खबर लगते ही वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह तबादला केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की जीत है। अब क्षेत्र की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए अधिकारी के आने के बाद क्या जंगलों की कटाई थमेगी और क्या निर्माण कार्यों की जांच होकर दोषियों पर गाज गिरेगी?



“यह जनता की आवाज की जीत है। जंगलों की लूट और गरीबों पर जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने तथ्यों के साथ लड़ाई लड़ी और न्याय हुआ।”
— अविनाश पाठक, प्रवक्ता जिला कांग्रेस




