पंडरिया की ‘हुंकार’ से गूँजा सदन : विधायक भावना बोहरा ने वनांचल के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए सरकार को घेरा

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बाजार चारभाठा और पांडातराई में ITI खोलने की दमदार मांग; कौशल विकास पर दिया जोर

भैंसाओदार को ‘ईको-टूरिज्म’ हब बनाने और कुकदूर में फायर वॉच टावर की वकालत

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/पंडरिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा एक प्रखर जन-प्रतिनिधि के रूप में उभरकर सामने आईं। उन्होंने न केवल अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को सदन के पटल पर रखा, बल्कि युवाओं के कौशल विकास, पर्यटन विस्तार और महिला-बाल सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर सरकार से जवाबदेही तय की। विधायक बोहरा ने स्पष्ट किया कि पंडरिया और कबीरधाम के वनांचल क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

स्किल हब और पर्यटन: पंडरिया बनेगा विकास का नया मॉडल

क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भावना बोहरा ने ग्राम बाजार चारभाठा एवं नगर पंचायत पांडातराई में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की स्थापना की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि तकनीकी शिक्षा ही युवाओं को आत्मनिर्भर बना सकती है। इसके साथ ही, पंडरिया के प्राकृतिक सौंदर्य को विश्व पटल पर लाने के लिए उन्होंने वनांचल क्षेत्र कुकदूर में फायर वॉच टावर और भैंसाओदार प्राकृतिक स्थल को ‘इको-टूरिज्म’ केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उनकी मांग है कि यहाँ इंटरप्रिटेशन सेंटर, व्यू पॉइंट, ट्रैकिंग ट्रेल और पर्यटक कॉटेज बनाए जाएं, जिससे स्थानीय रोजगार को नई दिशा मिले।

आंगनबाड़ियों की जर्जर स्थिति पर जताई कड़ी चिंता

प्रश्नकाल के दौरान विधायक बोहरा ने कबीरधाम जिले की आंगनबाड़ियों में सुविधाओं के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। विधायक के सवाल पर सरकार ने लिखित उत्तर में स्वीकार किया कि जनवरी 2026 की स्थिति में 54 केंद्रों में पक्के भवन, 192 केंद्रों में शौचालय और 326 केंद्रों में बिजली की सुविधा नहीं है। विधायक ने विशेष रूप से उन 11 आंगनबाड़ी केंद्रों का जिक्र किया जो दुर्गम रास्तों के कारण पोषण आहार की पहुंच से दूर माने जाते हैं। उन्होंने इन केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु सरकार से ‘समयबद्ध कार्ययोजना’ की मांग की।

रेडी-टू-ईट और राशन दुकानों का सुदृढ़ीकरण

भावना बोहरा ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि 45,867 केंद्रों में अभी भी बीज निगम का दखल क्यों है? उन्होंने मांग की कि प्रदेश के सभी जिलों में ‘रेडी-टू-ईट’ निर्माण का काम पूर्णतः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा जाए। जनसुविधाओं के विस्तार हेतु उन्होंने ग्राम बांगर, ढोठमानवापारा और मजगांव सहित कई स्थानों पर नवीन उचित मूल्य की दुकानें खोलने और बहरमुड़ा, सेन्हाभाठा व बसनी जैसे 8 गांवों में जर्जर दुकानों की तत्काल मरम्मत की मांग सदन में रखी।

बाल सुरक्षा और रेस्क्यू: 893 बच्चों के पुनर्वास पर फोकस

रायपुर और दुर्ग संभाग में बाल तस्करी और श्रम के विरुद्ध विधायक की सक्रियता का बड़ा असर दिखा। सदन में जानकारी दी गई कि वर्ष 2024-26 के बीच 893 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। भावना बोहरा ने बाल संरक्षण गृहों के नियमित निरीक्षण और वहां CCTV कैमरे व सुरक्षा जाली लगाने जैसे सुधारात्मक कदमों को कड़ाई से लागू करने पर जोर दिया, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।

​विधायक भावना बोहरा की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे सदन में पंडरिया की जनता की एक सशक्त और मुखर आवाज हैं, जो विकास के हर पहलू पर पैनी नजर रखती हैं।

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