भोर का अंधेरा, कबाड़ से लदी पिकअप और पुलिस की नदारद पेट्रोलिंग, लोगों को देख भागे तस्कर, अब जांच के नाम पर ‘खानापूर्ति’ की आशंका !
नई पहल न्यूज नेटवर्क। खोंगापानी। कोयला अंचल में कबाड़ चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें न तो पुलिस का खौफ है और न ही प्रशासन का डर। ताजा मामला खोंगापानी पुलिस चौकी क्षेत्र का है, जहाँ भोर के अंधेरे में कबाड़ से लदी एक पिकअप बीच सड़क पर फंस गई। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस वक्त यह ‘खेल’ चल रहा था, पुलिस की गश्ती टीम और पेट्रोलिंग पार्टी मौके से पूरी तरह नदारद रही, जो सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
लोगों की सजगता से खुला राज, तस्कर फरार

मिली जानकारी के अनुसार, रविवार भोर में कबाड़ से भरी एक पिकअप मुख्य मार्ग पर फंस गई थी। तस्करों ने आनन-फानन में दूसरी गाड़ी बुलाकर कबाड़ शिफ्ट करने की कोशिश की, लेकिन सुबह होते ही जैसे ही आम नागरिकों की आवाजाही बढ़ी, पकड़े जाने के डर से तस्कर पिकअप छोड़कर भागने में सफल रहे। लोगों की सजगता के कारण मजबूरन पुलिस को मौके पर पहुंचकर पिकअप और उसमें लदे आधे कबाड़ को अपनी हिरासत में लेना पड़ा।
चौकी प्रभारी और प्रशासन के ‘गढ़’ में सेंध
खोंगापानी पुलिस चौकी इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि यहाँ पुलिस और प्रशासन के आला अफसर निवास करते हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके में तस्करों का बेखौफ घूमना और बीच सड़क पर कबाड़ की लोडिंग-अनलोडिंग करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह पैदा करता है। आखिर पेट्रोलिंग टीम कहाँ थी? क्या उन्हें इस हलचल की भनक तक नहीं लगी या मामले को ‘नजरअंदाज’ किया गया?
असली ‘आकाओं’ को बचाने की कोशिश ?
सूत्रों के मुताबिक, कबाड़ से लदी यह गाड़ी चनवारीडांड की बताई जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस केवल ड्राइवर पर कार्रवाई कर मामले की इतिश्री कर लेगी? पुलिस की जांच अब तक गाड़ी के मालिक, कबाड़ के असली मालिक और यह माल कहाँ जा रहा था, जैसे बुनियादी सवालों से दूर नजर आ रही है।
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