भरतपुर में अवैध रेत उत्खनन पर गरमाई सियासत, रमाशंकर मिश्रा और सुखमंती सिंह के नेतृत्व में SDM को सौंपा ज्ञापन
नई पहल न्यूज नेटवर्क। भरतपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा अब सियासी तूल पकड़ चुका है। भरतपुर विकासखंड की जीवनदायिनी नदियों के अस्तित्व पर मंडराते खतरे को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने अवैध उत्खनन और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले माफियाओं के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
मशीनों से ‘अवैध’ प्रहार: नियमों को ताक पर रखकर लूट
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि ग्राम पंचायत घटई, मलकडोल, हरचोका और आसपास के क्षेत्रों में रेत का अवैध कारोबार चरम पर है।
- नियमों का उल्लंघन: पंचायतों को केवल ‘मैनुअल’ (हाथ से) उत्खनन की अनुमति है, लेकिन हकीकत में नदियों के बीचों-बीच जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनें उतारी गई हैं।
- NGT के आदेशों की अवहेलना: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्पष्ट निर्देशों को दरकिनार कर पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचाई जा रही है।
- राजस्व की चोरी: बड़े डंपरों और हाईवा के जरिए ओवरलोड रेत उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भेजी जा रही है, जिससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
“नदी सूखी, किसान बेहाल”: गिरते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि मशीनों से बेतहाशा खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ गया है। इससे न केवल जलीय जीव खत्म हो रहे हैं, बल्कि आसपास का जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे भविष्य में पेयजल और सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
चेतावनी: “कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन”
कोरबा लोकसभा अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा और जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने दो-टूक शब्दों में प्रशासन को आगाह किया है। उन्होंने कहा:



अगर अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेगी। इस दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे प्रमुख चेहरे
इस दौरान मनमोहन सांधे, शारदा यादव, रानी तिवारी, राम सुजान मिश्रा, रज्जू सिंह, नारायण बैगा, गजरूप सिंह वालंद, लखन सिंह मराबी, राजपाल अगरिया, जीतराम, रामा यादव, और संत कुमार सिंह सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन रसूखदार माफियाओं पर नकेल कसता है या फिर यह ‘अवैध खेल’ यूं ही जारी रहता है।




