सड़क सुरक्षा माह के समापन पर स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में महिला पुलिस कप्तान ने जीता सबका दिल, लापरवाह वाहन चालकों को दी कड़ी चेतावनी
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपके लिए, बल्कि आपके पूरे परिवार के लिए भारी पड़ सकती है। यह बात एमसीबी जिले की पुलिस कप्तान आईपीएस रत्ना सिंह ने 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन अवसर पर कही। झगराखांड स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे।
भावुक अपील: बच्चो, पापा को बिना हेलमेट घर से न निकलने दें
एसपी रत्ना सिंह ने अपने संबोधन की शुरुआत बच्चों को संबोधित करते हुए एक पुराने पत्र की याद दिलाकर की। उन्होंने बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली अंदाज़ में कहा:
बच्चो! आप खुद ही अपने घर के पुलिस अफसर बनिए। जब-जब पापा बिना हेलमेट के घर से निकलें, उन्हें रोकिए। जब बड़े भैया चुपके से गाड़ी की चाबी उठाकर स्टंट मारने निकलें, तो उन्हें टोकिए।
उनके इस संबोधन ने वहां मौजूद लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया कि घर के नन्हे सदस्य सुरक्षा के प्रति सबसे बड़े जागरूक प्रहरी बन सकते हैं।
अति-आत्मविश्वास बना सकता है दुर्घटना का शिकार
वाहन चालकों की आम मानसिकता पर चोट करते हुए एसपी ने कड़े शब्दों में कहा कि लोग अक्सर यह सोचकर हेलमेट नहीं पहनते कि “बस दो मिनट की तो बात है” या “आज तक कुछ नहीं हुआ तो आज क्या होगा।”



उन्होंने आगाह करते हुए कहा, “हो सकता है आप बहुत अच्छे ड्राइवर हों, लेकिन सड़क पर कोई दूसरा आपकी गलती के बिना भी आपको टक्कर मार सकता है। अगर सिर पर हेलमेट नहीं होगा, तो बचने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।”
स्वास्थ्य मंत्री ने भी सराहा अभियान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने पुलिस विभाग के इन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक महीने का अभियान नहीं, बल्कि जीवन भर का अनुशासन होना चाहिए।




