कर्तव्य का ऐसा पर्याय : कड़ाके की ठंड हो या मूसलाधार बारिश, सूरज की पहली किरण से पहले घर-घर दस्तक देना ही था जिनका धर्म
रविकांत सिंह राजपूत। मनेंद्रगढ़। दुनिया भर की हलचल और खबरों को हर सुबह चाय की प्याली के साथ हमारे हाथों तक पहुँचाने वाला एक ‘कर्मयोगी’ आज चिरनिद्रा में लीन हो गया। मनेंद्रगढ़ के प्रतिष्ठित व्यवसायी और दशकों तक पत्रकारिता की रीढ़ कहे जाने वाले अखबार वितरण जगत के स्तंभ भगवान दास गुप्ता का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक समर्पण के युग का अंत है।
तपस्या जैसा था अखबारों के साथ उनका सफर
भगवान दास गुप्ता का जीवन अनुशासन और निरंतरता की एक खुली किताब था। जब शहर गहरी नींद में सोया होता था, तब वे कड़कड़ाती ठंड, झुलसाती गर्मी या मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना अपनी साइकिल पर खबरों का बंडल लादे निकल पड़ते थे। एक हॉकर से लेकर एक सफल एजेंट बनने तक के सफर में उन्होंने कभी अपने कर्तव्य से समझौता नहीं किया। उनके लिए अखबार केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि पाठकों का वह विश्वास था जिसे समय पर पहुँचाना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता थी।

संस्कारों की पूंजी : बेटे कर रहे देश-विदेश में नाम रोशन
स्व. भगवान दास की मेहनत और उच्च संस्कारों का ही परिणाम है कि उनकी अगली पीढ़ी आज सफलता के शिखर पर है। उनके बेटे देश और विदेश के बड़े पदों पर आसीन होकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह उनकी परवरिश की ताकत थी कि एक संघर्षशील अखबार एजेंट ने अपने बच्चों को उस मुकाम तक पहुँचाया, जिसका सपना हर पिता देखता है।
मिलनसार स्वभाव और सामाजिक प्रतिष्ठा
वे स्वभाव से अत्यंत सरल और मृदुभाषी थे। पत्रकार सतीश गुप्ता के चाचा और उमेश गुप्ता के पिता भगवान दास गुप्ता का हर वर्ग के साथ आत्मीय संबंध था। नगर के छोटे-बड़े हर आयोजन और हर सुख-दुख में उनकी उपस्थिति एक अभिभावक की तरह होती थी। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे मनेंद्रगढ़ में शोक की लहर दौड़ गई है।



अंतिम विदाई
उनका अंतिम संस्कार सोमवार प्रातः 10:00 बजे आमाखेरवा स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा काली मंदिर रोड स्थित उनके निवास स्थान से निकलेगी, जहाँ नगर के गणमान्य नागरिक और पत्रकार जगत से जुड़े लोग उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
“सूरज उगने से पहले जिनकी दस्तक से घर जागते थे, आज उस दस्तक की खामोशी मनेंद्रगढ़ को कचोट रही है। खबरों को घरों तक पहुँचाने वाला वह हाथ अब थम गया है, लेकिन उनकी यादें हर सुबह के अखबार की खुशबू में जिंदा रहेंगी।”
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति।




