संगठन बनाम भूपेश बघेल : क्या हाईकमान तय करेगा नया चेहरा ? ढाई साल का इंतजार अब खत्म होने की कगार पर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर|छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। पिछले ढाई साल से खाली पड़े इस पद के लिए अब मुकाबला ‘संगठन की पसंद’ और ‘पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थन’ के बीच आकर सिमट गया है। दिल्ली में पांच महिला नेत्रियों के इंटरव्यू के बाद अब कयासों का दौर तेज है कि कमान किसके हाथ में होगी।
दिल्ली में फाइनल मंथन, रेस में दो नाम सबसे आगे
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुँचा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य मुकाबला पूर्व विधायक छत्री साहू और दूसरी बार की विधायक संगीता सिन्हा के बीच है।
- संगठन की पसंद: पार्टी संगठन पूर्व विधायक छत्री साहू के नाम पर मुहर लगाना चाहता है, जिनका प्रस्ताव छह महीने पहले ही दिल्ली भेजा जा चुका है।
- भूपेश खेमे की लॉबिंग: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक संगीता सिन्हा का नाम आगे बढ़ाकर मामले को दिलचस्प बना दिया है।
इंटरव्यू के बाद बढ़ी धड़कनें



दिल्ली दरबार में छत्री साहू और संगीता सिन्हा के अलावा पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, ममता चंद्राकर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा को भी बुलाया गया था। हालांकि, चर्चा है कि फैसला छत्री और संगीता के बीच ही होना है, क्योंकि बाकी दावेदारों को राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने अपनी टीम में शामिल कर लिया है।
ढाई साल से रिक्त है पद
प्रदेश महिला कांग्रेस का यह अहम पद लगभग ढाई साल से औपचारिकताओं के भरोसे चल रहा है। पूर्व अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम के इस्तीफे के बाद से ही संगठन में ब्लॉक और जिला स्तर पर नियुक्तियां तो हो गई हैं, लेकिन मुख्य मुखिया की घोषणा का इंतजार अब भी बरकरार है।
बड़ा सवाल: क्या एआईसीसी संगठन के पुराने प्रस्ताव (छत्री साहू) पर मुहर लगाएगी या नए सिरे से हुए इंटरव्यू और भूपेश बघेल की पसंद (संगीता सिन्हा) को मौका मिलेगा?




