मलिघोरी जा रहा 900 बोरी धान से भरा ट्रक जंगल में मिला लावारिस, विधायक ने लगाए भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही के गंभीर आरोप
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बालोद। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अंतिम दौर में सियासी पारा उबलने लगा है। संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने राजीव भवन में एक विस्फोटक प्रेस वार्ता कर सरकार और प्रशासन पर किसानों के शोषण का आरोप लगाया है। विधायक ने गिरदावरी में गड़बड़ी से लेकर धान से भरे ट्रक के लापता होने तक के गंभीर मुद्दे उठाकर जिले की कानून और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
“5 दिन शेष, 13 हजार किसान कतार में”
विधायक संगीता सिन्हा ने आकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि धान खरीदी खत्म होने में महज 5 दिन बचे हैं, लेकिन बालोद जिले के 13 हजार से अधिक किसान आज भी अपना धान बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई केंद्रों पर कर्मचारी किसानों से धान खरीदने के बदले खुलेआम पैसों की मांग कर रहे हैं।

जबरन रकबा समर्पण: “किसानों को चोर बना रही सरकार”
विधायक संगीता सिन्हा ने सबसे तीखा हमला रकबा समर्पण (सरेंडर) के मुद्दे पर किया। उन्होंने कहा:
“बालोद जिले में प्रदेश में सर्वाधिक 1 लाख 20 हजार से अधिक किसानों का रकबा समर्पण कराया गया है। अधिकारी किसानों के घरों में जबरन घुसकर उन्हें डरा रहे हैं और उन्हें ‘चोर’ की तरह पेश कर जबरदस्ती रकबा सरेंडर करवा रहे हैं। आखिर सरकार किसानों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रही है?”
बड़भूम के जंगल में मिला 900 बोरा ‘लापता’ धान
प्रेस वार्ता में विधायक ने परिवहन में हो रही भारी अनियमितता का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि कोडेवा धान खरीदी केंद्र से मलिघोरी संग्रहण केंद्र के लिए 900 बोरी धान लेकर निकला ट्रक 4 दिनों तक लापता रहा। हाई-सिक्योरिटी GPS सिस्टम होने के बावजूद ट्रक का गायब होना और बाद में बड़भूम के जंगल में लावारिस मिलना एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।
गलत गिरदावरी की मार झेल रहे अन्नदाता
विधायक ने बताया कि लिमोरा और मुजगहन जैसे कई गांवों में गलत गिरदावरी के कारण किसानों का रकबा ही कम कर दिया गया है। किसान पोर्टल और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे वे अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं।
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