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9 साल की मासूम से दरिंदगी पर बाल आयोग सख्त : डॉ. वर्णिका शर्मा ने लिया संज्ञान, 22 जनवरी को पेश होगी फाइनल रिपोर्ट

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एक्शन में आयोग : पीड़िता से घर जाकर की मुलाकात, लापरवाही पर जताई नाराजगी, एसएसपी और सीएमएचओ को दिए कड़े निर्देश

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी के समीप 9 वर्षीय मासूम के साथ हुई दुराचार की हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने न केवल पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया, बल्कि जांच में हो रही देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई है।

सेंसिटिव ग्राउंड रिपोर्ट: परिजनों के बीच पहुँचीं डॉ. वर्णिका

​बीती 17 जनवरी को डॉ. वर्णिका शर्मा आईसीपीएस टीम, बाल कल्याण समिति (CWC) और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ सीधे पीड़िता के निवास पहुँचीं। उन्होंने मासूम बच्ची से बेहद संवेदनशीलता के साथ बात की और उसे भरोसा दिलाया कि प्रशासन और आयोग उसके साथ खड़ा है। मौके पर ही बाल मनोवैज्ञानिक से बच्ची की काउंसलिंग कराई गई ताकि वह इस मानसिक आघात (Trauma) से बाहर निकल सके।

फाइल रुकी तो भड़कीं अध्यक्षा, थाना प्रभारी और CWC को अल्टीमेटम

​निरीक्षण के दौरान जब डॉ. शर्मा को पता चला कि थाना स्तर से अब तक CWC को केस की फाइल नहीं मिली है, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट लहजे में जिला बाल संरक्षण अधिकारी और थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि:

  • ​पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए।
  • ​परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • CMHO को निर्देश दिए कि बच्ची का इलाज विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञों की देखरेख में ही हो।

SSP से विशेष अनुरोध, 22 को होगी बड़ी सुनवाई

डॉ. वर्णिका शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उम्मेद सिंह से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर इस केस में त्वरित और सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 22 जनवरी को CWC द्वारा पूरे मामले का विस्तृत प्रतिवेदन आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा।

“बच्ची के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। इस निंदनीय अपराध में दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।”

डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग

मीडिया और समाज से विशेष अपील: ‘पहचान छिपाएं, कानून का सम्मान करें’

प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से डॉ. वर्णिका शर्मा ने मीडिया कर्मियों और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर अपील की है कि पॉक्सो एक्ट के नियमों का कड़ाई से पालन करें। पीड़िता की पहचान, नाम या फोटो किसी भी स्थिति में उजागर न करें, ताकि बच्ची की गोपनीयता और भविष्य सुरक्षित रहे। उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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