ड्रग्स के बाद अवैध शराब विक्रेताओं पर नकेल पुलिस ने कहा- नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द, होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए महिला पुलिस कप्तान रत्ना सिंह ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए एक बड़ा एक्शन प्लान लागू कर दिया है। ड्रग्स माफियाओं पर नकेल कसने के बाद अब उनका सीधा निशाना जिले भर के होटल और ढाबों पर चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर है। SP के सख्त निर्देश पर सोमवार को सिटी कोतवाली प्रभारी दीपेश सैनी ने क्षेत्र के सभी होटल और ढाबा संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में पुलिस ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि किसी भी प्रतिष्ठान में अवैध रूप से शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए, न ही ग्राहकों को परिसर में बैठकर शराब पीने की इजाजत दी जाएगी। पुलिस के इस अभूतपूर्व और सीधी कार्रवाई वाले कदम से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
- अवैध बिक्री पर सीधी चेतावनी: सिटी कोतवाली में आयोजित इस विशेष बैठक में थाना प्रभारी दीपेश सैनी ने सभी संचालकों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने साफ किया कि यदि किसी भी होटल या ढाबे पर अवैध रूप से शराब बेचे जाने या पिलाए जाने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ चालान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने और एफआईआर दर्ज करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। सैनी ने जोर देकर कहा कि पुलिस जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- सख्त शपथ दिलाई गई: पुलिस ने इस बैठक को सिर्फ निर्देश देकर खत्म नहीं किया, बल्कि इसे अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। थाना प्रभारी ने सभी उपस्थित होटल और ढाबा संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने की शपथ दिलाई। इस शपथ के माध्यम से संचालकों ने यह आश्वासन दिया कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बढ़ावा नहीं देंगे और पुलिस के नियमों का अक्षरशः पालन करेंगे। पुलिस का यह तरीका अवैध कारोबारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का एक सफल प्रयास माना जा रहा है।
- ड्रग्स (नशा) विरोधी अभियान जारी: गौरतलब है कि यह कार्रवाई पुलिस कप्तान रत्ना सिंह द्वारा चलाए जा रहे व्यापक ‘नशा मुक्त मनेंद्रगढ़’ अभियान का हिस्सा है। इससे पहले, जिले भर के दवा दुकान संचालकों को भी थाने में बुलाकर कसम दिलाई गई थी कि वे नशे के लिए उपयोग में आने वाले इंजेक्शन, सिरप या अन्य प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री नहीं करेंगे। पुलिस टीम ने दोनों ही बैठकों में स्पष्ट संदेश दिया कि जिले को अपराध मुक्त और नशा मुक्त बनाने के लिए आम जनता और संचालकों का सहयोग अनिवार्य है।



