जागरूकता बनी कवच ! DWPS में विश्व एड्स दिवस पर युवा शक्ति ने लिया ‘कलंक-मुक्त समाज’ का संकल्प

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सही रास्ता अपनाएँ, मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार ! थीम पर कविताओं, चित्रों और भाषणों से बच्चों ने जानी एड्स की सही जानकारी

नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। सीबीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (DWPS) मनेंद्रगढ़ में आज विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति और परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवा छात्रों में एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, भ्रांतियों को दूर करना तथा कलंकमुक्त समाज की दिशा में शिक्षा प्रदान करना था। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों को संबोधित करते हुए एचआईवी/एड्स के प्रति संवेदनशीलता और सही जानकारी के महत्व पर जोर दिया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ

​कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी के विशेष आतिथ्य में दीप प्रज्वलन से हुआ। उपस्थित गणमान्य अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छों द्वारा किया गया। उच्च कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया।

कविता और ज्ञान का समावेश:

  • ​कविता वाचन: सेंट पैट्रिक्स अकादमी की छात्रा मेहर जैन और DWPS के छात्र व्योम मिश्रा द्वारा एड्स दिवस पर आधारित मार्मिक कविता वाचन किया गया।
  • ​प्रतियोगिताएं: छात्रों के ज्ञान और रचनात्मकता को परखने के लिए चित्रकला, कविता लेखन और तात्कालिक भाषण जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

सही जानकारी ही सुरक्षा का वास्तविक उपाय

​इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य नोडल अधिकारी मोहम्मद वाशिक असदक ने वर्ष 2025 की थीम — “सही रास्ता अपनाएँ: मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार!” — का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1988 से प्रति वर्ष 1 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह दिवस स्वास्थ्य समानता और कलंकमुक्त समाज की दिशा में प्रेरित करता है।

​डॉक्टर नम्रता चक्रवर्ती ने बच्चों को संबोधित करते हुए एड्स से जुड़ी सबसे बड़ी भ्रांति को दूर किया। उन्होंने जोर देकर कहा:

​“यह जानना आवश्यक है कि एचआईवी/एड्स छूने, साथ बैठने, हाथ मिलाने, खाना बाँटकर खाने, या एक ही कक्षा में पढ़ने से कभी नहीं फैलती है। इसलिए एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के प्रति किसी भी तरह का भेदभाव या दूरी बनाना न केवल गलत है, बल्कि मानवीय दृष्टि से भी अनुचित है।”

​उन्होंने कहा कि यह बीमारी केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में संक्रमण का रूप लेती है, और इन परिस्थितियों के बारे में सही जानकारी रखना ही सुरक्षा का वास्तविक उपाय है।

प्राचार्य तिवारी का युवाओं को संकल्प

​विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर बसंत कुमार तिवारी ने छात्रों की भागीदारी की सराहना करते हुए उन्हें युवा शक्ति बताया। उन्होंने छात्रों से समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का आह्वान किया:

​“आप युवा शक्ति हैं। आपकी जागरूकता, आपके छोटे–छोटे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई में हम समझदारी, संवेदनशीलता और एकता के साथ आगे बढ़ेंगे।”

इस महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉक्टर वशिक असदाक, डॉक्टर नम्रता चक्रवर्ती, डॉक्टर सुधांशु पटेल एवं डॉक्टर स्वप्निल तिवारी (चिकित्सालय अधीक्षक) ने निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ शिक्षिकाओं दिशानी चटर्जी और नीरू सिंह द्वारा किया गया।

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