‘पसंद’ की सियासत ! कांग्रेस के 41 जिलाध्यक्षों में नेताओं की चली गुटबाजी कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूची में भूपेश-महंत-टीएस सिंहदेव गुट को साधने की कोशिश

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आलाकमान से पहले, नेताओं की पसंद ! कांग्रेस की सूची में भूपेश-15, टीएस-8, महंत-6 का गणित हावी

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन के 41 जिलाध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है, लेकिन यह सूची संगठन में नई जान फूँकने से ज़्यादा भीतरी गुटबाजी और कद्दावर नेताओं की पसंद को दर्शा रही है। दस्तावेज़ों से स्पष्ट है कि इस बार भी गुटीय समीकरणों ने कार्यकर्ताओं की योग्यता पर बाजी मार ली है। सूची में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुट के समर्थकों की संख्या सर्वाधिक है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और उप-मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के समर्थकों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। जहां जिलाध्यक्षों को बदला गया है, जिसमें संगठन से पहले, नेताओं की पसंद साफ तौर पर हावी होती दिख रही है।

फिर चली गुटबाजी की ‘किस्मत की गुट्टी’

41 जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों में गुटबाजी की छाप स्पष्ट दिखाई देती है। नेताओं ने अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र (अपने-अपने गृह जिले या प्रभार वाले क्षेत्रों) में अपनी पसंद के जिलाध्यक्षों को नियुक्त करवाने में सफलता हासिल की है:

  • ​भूपेश गुट हावी: सूची में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थकों को सबसे अधिक तरजीह मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, भूपेश गुट के लगभग 15 जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं।
  • ​टी.एस. सिंहदेव का प्रभाव: उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव गुट से भी 8 जिलाध्यक्षों को जगह मिली है, जिसमें उनका प्रभाव क्षेत्र सरगुजा और आसपास के जिले शामिल हैं।
  • महंत की छाप: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत गुट के भी 6 समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वही 8 प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की पसंद है

​बदले गए 11 जिलाध्यक्ष: ये चेहरे हुए रिपीट

जारी सूची में 11 जिलाध्यक्षों को बदला गया है। खास बात यह है कि रायपुर शहर की जिम्मेदारी कद्दावर नेता श्रीकुमार मेनन, रायपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी पप्पू बंजारे को दी गई है, जो पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के नजदीकी माने जाते हैं।

  • महत्वपूर्ण बदलाव: रायपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी राजेंद्र पप्पू बंजारे को, जबकि दुर्ग ग्रामीण की जिम्मेदारी धीरज वाकलीवाल को दी गई है।
  • दोहराए गए नाम: मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में अशोक श्रीवास्तव, कोरिया में प्रदीप गुप्ता, जगदलपुर शहर से सुशील मौर्य, बेमेतरा से मुकेश चंद्रकर और बलौदाबाजार से चंद्रेश हिरवानी जैसे चेहरे अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे।
  • 4 महिलाओं को मिला मौका

संगठन ने संतुलन साधने के लिए नए-पुराने चेहरों का मिश्रण किया है, जिसमें युवाओं और महिलाओं को भी मौका दिया गया है। बालोद से चंद्रेश हिरवानी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से कोमल दास साहू जैसे नाम शामिल हैं। वही 3 महिलाएं जिलाध्यक्ष बनाई गई है। जिसमें बलौदा बाजार से सुमित्रा घृतलहरे, गौरेला पेंड्रा मरवाही से गजपति भानु, सक्ती से रश्मि गबेल, सूरजपुर से सुश्री शशि सिंह को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

अगला लक्ष्य: 1400 मंडल अध्यक्ष

अब कांग्रेस का अगला लक्ष्य 309 ब्लॉक और 1400 मंडल अध्यक्षों की सूची जल्द जारी करना है। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब इन महत्वपूर्ण पदों की नियुक्तियों में भी गुटीय समीकरण का बड़ा खेल देखने को मिल सकता है। कांग्रेस नेतृत्व उम्मीद कर रहा है कि इन नियुक्तियों से संगठन की गतिविधियाँ मजबूत होंगी और पार्टी को एसआईआर (SIR) अभियान को महत्वपूर्ण दिशा मिलेगी।

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