संगठन को जब नीचे पहुँचाना हो… भरी सभा में बोल गए मंत्री; BJP प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम दिग्गज थे मंच पर मौजूद
मनेंद्रगढ़। जिले में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय के भूमिपूजन में उस वक्त बड़ा सियासी चूक हो गया, जब मंच पर मौजूद वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम की कार्यकर्ताओं को संबोधित जुबान फिसल गई। भाजपा के जिला कार्यालय के भूमिपूजन समारोह में दिया गया उनका एक बयान अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
कार्यालय का महत्व समझाते हुए फिसली जुबान
मंत्री रामविचार नेताम कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के लिए कार्यालय की आवश्यकता और संगठनात्मक मजबूती पर अपनी बात रख रहे थे। उनका आशय संगठन को जमीनी स्तर तक पहुँचाने का था, लेकिन उन्होंने जिस वाक्यांश का इस्तेमाल किया, वह पूरी तरह से विपरीत अर्थ दे गया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंत्री नेताम ने कहा, “और संगठन को जब गति देना है, संगठन को जब नीचे पहुँचाना है… तो उसको देखरेख के लिए, कार्यकर्ता को… विभिन्न कार्यक्रमों के लिए कोई न कोई कार्यालय की जरूरत पड़ती है।”

शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में चूक
मंत्री नेताम की यह ‘फिसली जुबान’ तब हुई, जब मंच पर प्रदेश और संगठन के कई बड़े चेहरे मौजूद थे। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में इस बयान का आना इसे और भी अधिक संवेदनशील बना देता है:
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव
- संगठन मंत्री पवन साय
- स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल
- भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह
जुबान फिसलने के सियासी निहितार्थ
यह राजनीतिक चूक विपक्ष के लिए एक बड़ा मौका बन गई है। हिंदी में “नीचे पहुँचाना” वाक्यांश का उपयोग अक्सर किसी चीज के पतन या अवनति के संदर्भ में किया जाता है। अनजाने में हुई इस गलती को अब विपक्षी दल हाथों-हाथ ले सकते हैं और यह आरोप लगा सकते हैं कि भाजपा के मंत्री स्वयं संगठन की कमजोरी को उजागर कर रहे हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रहा है, जिससे पार्टी को डैमेज कंट्रोल करने की आवश्यकता पड़ सकती है। मनेंद्रगढ़ से आया यह वीडियो राजनीतिक मंचों पर शब्दों के चयन की संवेदनशीलता और उसके परिणामों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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