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सोने की चमक में छिपी चिंता : उछाल के बीच छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबारियों का अस्तित्व खतरे में

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विश्व मानक दिवस पर मुख्यमंत्री से मिलेगा सराफा एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल, ‘डिजिटल वर्चस्व’ और ‘बड़ी कंपनियों के प्रलोभन’ पर लगेगी लगाम ?

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में संभावित कटौती की अटकलों और त्योहारी मांग के कारण आज सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल दर्ज किया गया। रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के सराफा बाजारों में निवेशकों और उपभोक्ताओं की हलचल तेज रही, लेकिन इस असाधारण तेजी ने परंपरागत सराफा कारोबारियों के माथे पर गहरी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। कारोबारियों का कहना है कि यह उछाल मुनाफे से ज्यादा उनके व्यापारिक अस्तित्व के लिए संकट बन गया है।

कमल सोनी को मिला ‘स्वर्णिम अवसर’ : सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे व्यापारियों का दर्द

सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने इस मौके को ‘स्वर्णिम अवसर’ बताया है। उन्होंने कहा, “खुशी है कि हमें कल विश्व मानक दिवस (14 अक्टूबर) के अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में एक साथ मंच पर अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है। श्री सोनी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल कल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। एसोसिएशन का मानना है कि मंच पर अपनी व्यापारिक समस्याओं को सामने रखने से उन्हें नीतिगत लाभ मिलेगा।

वैश्विक तेजी, स्थानीय संकट: ‘सेफ-हेवन’ निवेश का दोहरा असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं। अमेरिका-चीन और मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को शेयर बाजार से खींचकर सोने की ओर मोड़ दिया है। इस वैश्विक मांग का सीधा असर भारतीय बाजारों में भी दिख रहा है। वरिष्ठ विश्लेषकों ने इस तेजी को मजबूत संकेत माना है, लेकिन साथ ही चेताया है कि ₹12,75,00 प्रति 10 ग्राम से ऊपर के ब्रेकआउट पर खरीदारी करते समय सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि मुनाफावसूली (Profit Booking) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

छोटे व्यापारियों के अस्तित्व पर ‘कॉर्पोरेट हमला’

​एसोसिएशन की सबसे बड़ी चिंता कीमतों में उछाल नहीं, बल्कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों का ऑनलाइन और थोक व्यापारिक वर्चस्व है। प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने स्पष्ट किया कि ये बड़ी कंपनियां “अनर्गल और निराधार झूठे प्रलोभन” देकर आमजन को भ्रमित कर रही हैं, जिससे पुश्तैनी और छोटे सराफा व्यापारियों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है।

​एसोसिएशन के प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से होने वाली मुलाकात के प्रमुख एजेंडे को साझा किया:

  1. पारंपरिक सराफा व्यापार को संरक्षण नीति में शामिल करने की मांग।
  2. राज्य में स्वर्ण आभूषण व्यापार के लिए एक स्वतंत्र नीति का गठन।
  3. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा मूल्य हेराफेरी और अनुचित प्रतिस्पर्धा की रोकथाम।
  4. प्रदेश के छोटे व्यापारियों के लिए ब्याजमुक्त ऋण सुविधा का प्रावधान।

कल 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री से होने वाली यह निर्णायक मुलाकात तय करेगी कि छत्तीसगढ़ सरकार इस परंपरागत उद्योग की रक्षा और छोटे व्यापारियों को कॉर्पोरेट प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

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