भुगतान में विलंब पर CM ने दिखाई नाराज़गी ‘सुशासन’ के लिए नगरीय निकायों की स्वच्छता और कौशल विकास पर सीधा फोकस

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में सुशासन और प्रशासनिक सक्रियता के नए मानक तय करते हुए एक सख्त ‘मॉर्निंग-ऑर्डर’ जारी किया है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे सुबह 7 बजे के पहले नगरीय निकायों के वार्डों में जाकर स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों का औचक निरीक्षण करें। इस निर्देश ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक चुस्ती अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर समयबद्ध परिणाम देने होंगे।
सुशासन और पारदर्शिता पर मुख्यमंत्री की सख्ती
1. स्वच्छ भारत अभियान: भुगतान में विलंब, CM नाराज़
- मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों के भुगतान को लंबित रखने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में विलंब से भुगतान होने के कारण अभियान प्रभावित हो रहा है।
- CM ने मुख्य सचिव को लंबित भुगतानों पर रिपोर्ट पेश करने और भविष्य में समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
2. नगरीय प्रशासन: कलेक्टर होंगे ‘स्वच्छता मॉनिटर’
- नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम और नगर पालिका के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा नियमित होनी चाहिए।
- सुबह 7 बजे से पहले वार्डों का निरीक्षण कर कलेक्टर सुनिश्चित करें कि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों में कोई ढिलाई न हो।
3. तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार: युवाओं को सशक्त करने पर जोर
- बेरोजगारी पर लगाम लगाने के लिए राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।
- कौशल विकास कार्यों की समीक्षा समय सीमा की बैठकों में अनिवार्य रूप से की जाए।
- पीएम कौशल विकास योजना के प्रशिक्षण बैच वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार संचालित हों।
- कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि वे प्रशिक्षित युवाओं के लिए हर तिमाही में स्वरोजगार लोन मेले का आयोजन करें।
- रोजगार कार्यालयों के माध्यम से काउंसलिंग और स्किल गैप एनालिसिस कर औद्योगिक जिलों से रिक्तियां प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
4. ई-सेवाएं और लोकसेवा गारंटी: ‘जन्म प्रमाण पत्र’ पर विशेष ध्यान
- ई-सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत सभी 86 सेवाएं समय सीमा में पूर्ण होनी चाहिए।
- उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि बच्चे के जन्म के कुछ समय के भीतर ही उसे आवश्यक प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र) मिले, इस दिशा में त्वरित काम हो।
- कलेक्टर्स को लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करने और विभागों से समन्वय कर अन्य सेवाओं को ऑनलाइन (ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत) करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता और गति के साथ पहुँचाना है। उन्होंने कलेक्टर्स को याद दिलाया कि उनकी सक्रियता ही सुशासन की पहचान है।




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