सुप्रीम कोर्ट से मिली थी हाईकोर्ट जाने की सलाह, आज होगी सिंगल बेंच में सुनवाई

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नया मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर आज मंगलवार को जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में सुनवाई होगी। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने हाल ही में चैतन्य बघेल को इस मामले में हिरासत में लिया था और वे वर्तमान में रिमांड पर हैं। याचिका में चैतन्य का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी और हिरासत कानूनी प्रावधानों के विपरीत है और प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट तक
इससे पहले चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें इस मामले में उचित मंच यानी हाईकोर्ट जाना चाहिए। इसके बाद ही उन्होंने बिलासपुर हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की।
मामले का पुराना घटनाक्रम
मनी लॉन्ड्रिंग मामला: यह केस छत्तीसगढ़ में कथित आर्थिक अनियमितताओं और करोड़ों के लेन-देन से जुड़ा है।
ईडी की कार्रवाई: पिछले माह ईडी ने कई जगह छापेमारी की, जिसमें कुछ दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए थे।
गिरफ्तारी: जांच के दौरान ईडी ने चैतन्य बघेल को हिरासत में लिया, जिसके बाद से वे रिमांड पर हैं।
कानूनी लड़ाई: गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए पहले सुप्रीम कोर्ट और अब हाईकोर्ट में याचिका।
आज की सुनवाई पर सबकी नज़र
राजनीतिक गलियारों से लेकर कानूनी हलकों तक, इस मामले में आज होने वाली सुनवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। फैसला चाहे जो हो, यह केस आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और कानून दोनों पर असर डाल सकता है।


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