टोल प्लाज़ा चक्काजाम : NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय समेत 9 पदाधिकारियों पर FIR रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर घंटों जाम

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की छात्र राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते रविवार 13 जुलाई को तरपोंगी टोल प्लाज़ा पर NSUI के प्रदर्शन और चक्काजाम के मामले में अब पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए FIR दर्ज की है। धरसीवां थाना क्षेत्र में दर्ज इस FIR में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे सहित 9 नामजद पदाधिकारियों और कई अज्ञात कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है।
क्या था पूरा मामला ?

13 जुलाई को NSUI की रायपुर जिला इकाई ने टोल टैक्स में मनमानी वसूली, छात्रों के मुद्दे और स्थानीय बेरोजगारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की कमान जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने संभाली, वहीं प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे खुद मौजूद थे। दोपहर करीब 1 बजे कार्यकर्ताओं ने तरपोंगी टोल प्लाज़ा का घेराव कर चक्काजाम कर दिया, जिससे रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर लगभग एक घंटे तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने टोल स्टाफ से बहस की और वाहन चालकों को टोल टैक्स न देने की अपील की। प्रशासन द्वारा समझाइश के प्रयास विफल होने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर मार्ग को सुचारू किया।

इन छात्र नेताओं के खिलाफ FIR :
1. नीरज पांडे – NSUI प्रदेश अध्यक्ष
2. प्रशांत गोस्वामी – NSUI रायपुर जिला अध्यक्ष
3. अमित शर्मा – उपाध्यक्ष
4. लेमन सोनवानी
5. विशाल कुकरेजा
6. जग्गू जांगड़े
7. वैभव मुजेवार
8. भावेश साहू
9. जितेश वर्मा
अन्य अज्ञात NSUI कार्यकर्ता
किस धारा के तहत हुआ मामला दर्ज ?
FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 191(2) के तहत केस दर्ज किया गया है —
धारा 126(2) – अवरोध उत्पन्न करना
धारा 191(2) – दंगा/सार्वजनिक शांति भंग करना
क्या बोले NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ?
FIR को लेकर नीरज पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा: “हम डरने वाले नहीं हैं। छात्र हित और जनता के मुद्दों के लिए NSUI सड़क पर लड़ती रही है और आगे भी लड़ेगी। टोल की मनमानी और प्रशासन की खामोशी के खिलाफ आवाज उठाना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।”
पुलिस का सख्त रुख, आगे हो सकती है गिरफ्तारियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर जल्द ही नामजद आरोपी थाने में उपस्थित नहीं होते हैं, तो गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। वहीं टोल प्रबंधन की ओर से भी प्रदर्शनकारियों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दावा किया जा सकता है। ये मामला न केवल छात्र राजनीति को गरमा रहा है, बल्कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की नई पटकथा भी लिख रहा है।


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