नारे, जाम और नाराज़गी : सड़क पर उतरे युवा, मंत्री को दिखाया जन आक्रोश का रास्ता
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। बिलासपुर-मुंगेली हाईवे की बदहाल स्थिति पर आखिरकार लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे मनियारी पुल के पास युवाओं ने सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर चक्का जाम कर दिया। इसी दौरान केंद्रीय शहरी आवासन राज्य मंत्री तोखन साहू का काफिला मुंगेली की ओर रवाना हो रहा था, जो प्रदर्शनकारियों के जाम में बुरी तरह फंस गया। आधे घंटे तक मंत्री का काफिला मौके पर रुका रहा, लेकिन भारी विरोध और नारेबाजी के चलते उन्हें बिना किसी संवाद के वापस बिलासपुर लौटना पड़ा।

हाईवे पर पानी से भरे गड्ढों और लापरवाह प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना था कि लंबे समय से सड़क की हालत बदतर है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जैसे ही उन्हें मंत्री के काफिले के गुजरने की सूचना मिली, उन्होंने त्वरित निर्णय लेकर जर्जर सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बिना संवाद लौटे मंत्री, बढ़ा आक्रोश

मंत्री तोखन साहू का काफिला जब प्रदर्शनस्थल पर पहुंचा, तो लोगों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन मौके पर पहुंचा, लेकिन युवाओं ने साफ शब्दों में कह दिया कि “अब वादे नहीं, कार्रवाई चाहिए।”
स्थिति को देखते हुए केंद्रीय मंत्री बिना किसी संवाद के वापस लौट गए, जिससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने मंत्री के इस रवैए को ‘जनता का अपमान’ करार दिया।
पुलिस-प्रशासन की समझाइश नाकाम
जैसे ही सूचना तखतपुर पुलिस और एसडीएम को मिली, वे मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जनता अपनी मांगों पर अड़ी रही। लोगों ने कहा कि “अब आश्वासन नहीं, सड़कों पर काम चाहिए।”
सुधार नहीं तो आंदोलन जारी रहेगा
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कह दिया कि जब तक सड़क की मरम्मत शुरू नहीं होती, उनका आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा। उनका कहना है कि “जनता के सब्र का इम्तहान अब खत्म हो चुका है। यह घटना सिर्फ एक सड़क की नहीं, सिस्टम की नींद को झकझोरने की आवाज है। जब तक आवाज़ों को सुना नहीं जाएगा, सड़कें ही नहीं, लोकतंत्र भी जर्जर होता जाएगा।


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