गांव की सुरक्षा में डिजिटल क्रांति, कोड़ातराई ने उठाया बड़ा कदम, कैमरे अब अपराधियों की नजर में। सड़क हादसे हों या चोरी, अब कैमरा बोलेगा! रायगढ़ का कोड़ातराई बना डिजिटल गांव

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायगढ़। रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोड़ातराई गांव ने ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए खुद को CCTV कैमरों से लैस करने वाला पहला गांव बना लिया है। ग्राम पंचायत और स्थानीय नेतृत्व के प्रयासों से शुरू की गई इस आधुनिक निगरानी प्रणाली ने कोड़ातराई को डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक मॉडल ग्राम के रूप में स्थापित कर दिया है।
गांव की गलियों से लेकर चौराहों तक नज़र रखेंगे कैमरे

गांव की मुख्य सड़कों, सार्वजनिक चौक-चौराहों और सुनसान गलियों में फिलहाल 12 हाई-रिज़ोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी ग्राम पंचायत भवन में स्थापित DVR सिस्टम के माध्यम से की जा रही है। जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

दुर्घटनाएं, अपराध और असामाजिक तत्वों पर लगेगी लगाम
कोड़ातराई गांव नेशनल हाईवे से सटा हुआ है, जहां 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। पहले सड़क हादसों में जान गंवाने के बाद वाहन की पहचान न हो पाने की वजह से पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाता था, लेकिन अब कैमरों की मदद से हिट एंड रन जैसे मामलों में भी दोषियों की पहचान संभव हो सकेगी।

ग्रामीणों को मिली सुरक्षा की नई उम्मीद
गांव के लोग अब खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चोरी, मारपीट या अन्य अपराधों में सीसीटीवी अब सबूत और निगरानी का मजबूत माध्यम बन चुका है। ग्रामीणों का मानना है कि यह तकनीक अपराधों को रोकने में बेहद कारगर साबित होगी।
सरपंच बोले – आसपास के 20 गांवों को मिलेगा लाभ
गांव के सरपंच मृत्युंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि कोड़ातराई वह गांव है, जहां रोज़ाना 20 से 25 गांवों के लोग खरीदारी या अन्य कार्यों के लिए आते हैं। गांव के सार्वजनिक स्थलों पर कैमरे लगने से न सिर्फ कोड़ातराई बल्कि आसपास के सभी गांवों को इसका लाभ मिलेगा। यह शुरुआत है, भविष्य में और भी विकास कार्य किए जाएंगे।
रायगढ़ पुलिस ने भी शुरू किया CCTV जागरूकता अभियान
रायगढ़ शहर में भी पुलिस ने जुलाई माह से CCTV जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। पहले चरण में 7 कैमरे लगाए जा चुके हैं और अब व्यापारियों व आम नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे अपने प्रतिष्ठानों एवं घरों में कैमरे लगाएं और कम-से-कम एक कैमरे का फोकस मुख्य मार्ग पर रखें। कोड़ातराई गांव ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुरक्षा, तकनीक और जागरूकता केवल शहरी अवधारणाएं नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत भी अब हाईटेक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। यह पहल न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन सकती है।


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