बाबू वीरेंद्र तुरकाने ने 4 जमीनों के नामांतरण के लिए मांगी थी ₹ 20,000 की रिश्वत, मोलभाव के बाद ₹ 17,500 में तय हुई रकम

नई पहल न्यूज नेटवर्क। दुर्ग। राजस्व विभाग की छवि को कलंकित करने वाला एक और मामला सामने आया है। बोरी तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू वीरेंद्र तुरकाने को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने ₹17,500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू किसान झनेन्द्र कुमार, निवासी टेकापार, से जमीन के नामांतरण के एवज में ₹20,000 की मांग कर रहा था। किसान ने रिश्वत देने के बजाय ईमानदारी से लड़ने का रास्ता चुना और ACB कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन किया गया और मोलभाव के बाद आरोपी बाबू ₹17,500 में सहमत हो गया। इसके बाद ACB की टीम ने नोटों पर केमिकल लगाकर योजना के तहत किसान को भेजा।जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, ACB की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ा संदेश गया है।


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