11 राज्यों में फैले थे साइबर ठग, ATM से लेकर अकाउंट तक, तीन परतों वाला साइबर फ्रॉड मॉडल बेनकाब
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोंडागांव/फरसगांव। देशभर में 1.70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए फरसगांव पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह 11 राज्यों में 17 मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। पुलिस मुख्यालय रायपुर से मिले विशेष निर्देशों पर एसडीओपी अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचना के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की। गिरोह के तार छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं।

बिलासपुर-प्रयागराज में दबिश, मुख्य आरोपी स्थानीय

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रयागराज और बिलासपुर में दबिश देकर चार आरोपियों को पकड़ा, जबकि गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड भावेश तारम को फरसगांव से गिरफ्तार किया गया।
ठगी का तरीका: म्यूल अकाउंट के जरिए देशभर में फैलाया फर्जीवाड़ा
गिरोह की रणनीति बेहद संगठित और सुनियोजित थी। ये लोग तीन स्तरों पर काम करते थे:
1. पहला लेयर : ग्रामीण और भोले-भाले लोगों से बैंक खाते खुलवाकर उनके ATM, पासबुक और सिम कार्ड मामूली पैसों में हासिल करते थे।
2. दूसरा लेयर : इन खातों को ऊंची कीमत में दूसरे स्कैमर्स को बेच देते थे।
3. तीसरा लेयर : अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग इन खातों का उपयोग ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल ठगी और ट्रांजेक्शन के लिए करते थे।
कई एफआईआर दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
फरसगांव थाना में कई प्रकरणों में FIR दर्ज की गई है। अपराध क्रमांक 46/2025: धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) BNS, अपराध क्रमांक 82/2025, 83/2025, 84/2025: म्यूल खाताधारकों के खिलाफ। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह ठगी पूरी तरह संगठित साइबर नेटवर्क के जरिए की जा रही थी।
एसडीओपी बोले : नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने बताया,”गिरोह से जुड़ी कड़ियां लगातार सामने आ रही हैं। कई अन्य संदिग्धों की पहचान हो चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच जारी है।”
गिरफ्तार आरोपी :
भावेश तारम – ग्राम पथर्री, थाना फरसगांव, कोंडागांव
विवेक जायसवाल – प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
विवेक सिंह – प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
दिलीप साहू – बिलासपुर, छत्तीसगढ़
राकेश कुमार साहू – बिलासपुर, छत्तीसगढ़
सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में और कई बड़े खुलासों की संभावना है।


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