नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरबा। शहर के सरई सिंगार बजरंग चौक स्थित हनुमान मंदिर में गुरुवार रात चोरी की वारदात से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता की लहर दौड़ गई। चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार और दान पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी नगदी रकम उड़ा ली। यह घटना आस्था के प्रतीक स्थल पर सीधे हमला मानी जा रही है।
घटना ऐसे आई सामने

मंदिर के सेवक संजय राठौर ने रोज़ की तरह सुबह 5 बजे मंदिर खोला, तो पाया कि मंदिर का ताला टूटा हुआ था। अंदर प्रवेश करने पर दान पेटी का ताला भी टूटा मिला और उसमें रखी ₹50, ₹100, ₹500 की नोटों की राशि गायब थी। छोटे सिक्के और ₹10–₹20 के नोट वहीं छोड़ दिए गए।

संजय राठौर ने बताया कि करीब एक साल से दान पेटी नहीं खोली गई थी, ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि कितनी राशि की चोरी हुई है, लेकिन स्थानीय नेताओं, व्यापारियों और श्रद्धालुओं द्वारा नियमित रूप से चढ़ावा दिया जाता है, जिससे राशि का अनुमान कई हजार रुपये या उससे अधिक का हो सकता है।
चोरी से जनता में भारी आक्रोश
यह पहली बार है जब इस हनुमान मंदिर में चोरी की घटना हुई है, जिससे स्थानीय लोगों की आस्था आहत हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं — हाल ही में एक मोबाइल दुकान में चोरी और शनिवार बाजार में पॉकेटमारी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलते ही हरदीबाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का कार्य शुरू किया। मंदिर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी, की सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री पंकज धुरुवा ने घटना को “आस्था पर चोट” बताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “हनुमान जी श्रद्धा और शक्ति का प्रतीक हैं। उनके मंदिर में चोरी की घटना अत्यंत निंदनीय है। पुलिस को ऐसे अपराधियों को बख्शना नहीं चाहिए।”
मंदिर समिति की मांग
मंदिर समिति के सदस्यों ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है और चोरी में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर निगरानी के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है। “मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र हैं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक भी। ऐसे स्थलों की सुरक्षा में लापरवाही जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करे और धार्मिक स्थलों की निगरानी को प्राथमिकता में रखे।


About The Author










































