मनेन्द्रगढ़ में सरकारी कार्यक्रम बना राजनीति का अखाड़ा !

नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। शिक्षा के मंदिर में आज जब नन्हें कदम प्रवेश कर रहे थे, तब वहीं मंच पर बड़े नेताओं के नामों को लेकर बड़ा सियासी ड्रामा खड़ा हो गया। पीएम श्री विद्यालय चनवारीडांड में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव जहां एक ओर नवप्रवेशी बच्चों के लिए स्वागत का अवसर था, वहीं दूसरी ओर यह कार्यक्रम राजनीतिक उपेक्षा और दिखावे का दस्तावेज बनकर रह गया।

पूर्व विधायक गुलाब कमरों का तीखा हमला: “न सम्मान रहा, न संतुलन!
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष और जनपद उपाध्यक्ष, जो कि शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं, उनके नाम आमंत्रण पत्र से नदारद रहे। इस पर पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा : “मनेंद्रगढ़ में कार्यक्रम, और मनेंद्रगढ़ के ही निर्वाचित पदाधिकारियों को भूल जाना? यह गलती नहीं, राजनीतिक दुर्भावना है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिनके नाम कार्ड से कटे, वे पदेन जिम्मेदार हैं, जबकि जिनका कोई औपचारिक दायित्व नहीं, उन्हें प्रमुखता से आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं के नाम आमंत्रण पत्र में छपे हैं, जिसे पूर्व विधायक ने सरकारी मंच का खुला राजनीतिकरण बताया।
दो-दो मुख्य अतिथि ? राजनीति की नई परंपरा !
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि इस कार्यक्रम में एक नहीं, दो-दो मुख्य अतिथि बनाए गए। और दोनों ही जिला पंचायत सदस्य। इस पर गुलाब कमरों ने तंज कसते हुए कहा, शायद अब शिक्षा विभाग भी गठबंधन की राजनीति से प्रेरित हो गया है, तभी दो धड़ों को एक मंच पर संतुलित किया गया।”
चुप्पी और चर्चा दोनों तेज
इस पूरे घटनाक्रम पर जहां प्रशासन की ओर से चुप्पी है, वहीं स्थानीय राजनीतिक व सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आमजन पूछ रहे हैं :
क्या शिक्षा अब भी तटस्थ विषय है?
क्या शाला प्रवेश उत्सव भी पार्टी लाइन पर बंट चुका है?
और क्या लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता अब दलगत निष्ठा से तय होगी?
जिस कार्यक्रम में बच्चों को स्कूल से जोड़ने की बात होनी थी, वहां नेताओं को नजरअंदाज करने और दूसरे दल के नेताओं को मंच दिलाने की होड़ लग रही है। शिक्षा का यह उत्सव कहीं सियासी शक्ति प्रदर्शन में न बदल जाए, यह सोचने का विषय है।
शालाप्रवेशउत्सव #राजनीतिकरणशिक्षाका #पूर्वविधायककीआपत्ति #मनेंद्रगढ़विवाद #सरकारीमंचपरराजनीति #गुलाबकमरों #शिक्षायासियासत #जनप्रतिनिधियोंकीउपेक्षा


About The Author










































